CCL कर्मचारी संघ की नयी कमेटी पर विवाद, शशिभूषण सिंह ने जतायी आपत्ति; राजीव रंजन सिंह बने महामंत्री

सीसीएल कर्मचारी संघ में नई कमेटी के गठन को लेकर विवाद गहरा गया है। पर्यवेक्षकों की असहमति के बाद अधिवेशन स्थगित कर दिया गया, जिस पर शशि भूषण सिंह ने आपत्ति जताई है।

रांची. भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ (सीसीएल सीकेएस) की नयी कमेटी के गठन को लेकर विवाद हो गया. संघ का 29वां अधिवेशन सोमवार और मंगलवार को कथारा में आयोजित किया गया था. अधिवेशन में भारतीय मजदूर संघ, झारखंड के महामंत्री राजीव रंजन सिंह और अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के अध्यक्ष संजय चौधरी पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद थे.

अधिवेशन में नयी कमेटी के गठन को लेकर दोनों पर्यवेक्षकों के बीच सहमति नहीं बन सकी. वर्तमान कमेटी के महामंत्री शशिभूषण सिंह ने विवाद के बाद अधिवेशन स्थगित करने की घोषणा की और कहा कि अगली तिथि बाद में घोषित की जायेगी. उन्होंने पुरानी कमेटी को बरकरार रखने की बात कही. इसके बाद वह और संघ के अध्यक्ष संजय चौधरी अधिवेशन स्थल से बाहर निकल गये.

एक पक्ष ने नयी कमेटी की घोषणा की

राजीव रंजन सिंह अधिवेशन स्थल पर मौजूद रहे और उन्होंने सदस्यों की उपस्थिति में नयी कमेटी के गठन की घोषणा की. इसके तहत कथारा के दिलीप कुमार को अध्यक्ष, शशिभूषण सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष और राजीव रंजन सिंह को महामंत्री बनाये जाने की घोषणा की गयी.

नयी कमेटी में अनिता कुमारी, रणविजय सिंह, शकर गिरी और सुभाष चंद्र ओझा को उपाध्यक्ष बनाया गया. मुकेश कुमार को संयुक्त मंत्री, माया कुमारी, संजय सिंह, मनीष पांडेय और गोविंद महतो को मंत्री, पवन उपाध्याय को कोषाध्यक्ष, रामेश्वर कुमार मंडल को संगठन मंत्री और विनय कुमार गुप्ता को कार्यालय मंत्री बनाया गया. कार्यसमिति में निर्गुन महतो, छवि शाहदेव, प्रमोद कुमार सिंह और ब्रजकिशोर राम को शामिल किया गया.

'पर्यवेक्षक का पदाधिकारी बनना गलत'

सीसीएल सीकेएस के महामंत्री शशिभूषण सिंह ने कहा कि नयी कमेटी के गठन को लेकर सहमति नहीं बन पायी थी. पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में ही अधिवेशन स्थगित कर दिया गया था और अगली तिथि बाद में घोषित की जायेगी. उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक का पदाधिकारी बन जाना गलत है.

वहीं, बीएमएस झारखंड के महामंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि उनका कार्यकाल दिसंबर में समाप्त हो रहा है और संगठन के शीर्ष नेताओं की अनुमति के बाद वह सीसीएल सीकेएस में महामंत्री बने हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अधिवेशन का विरोध कर बाहर निकल गये थे. इसके बाद 200 से अधिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में नयी कमेटी की घोषणा की गयी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Manoj Kumar Singh

मनोज सिंह प्रभात खबर में बतौर मुख्य संवाददाता कार्यरत है. पत्रकारिता में उनका 26 साल का अनुभव है. दैनिक हिन्दुस्तान में करीब आठ साल काम करने के बाद वह प्रभात खबर से जुड़े हैं. कृषि, पशुपालन, सहकारिता, वन, जलवायु परिवर्तन, आजीविका, मनोरोग, कोयला संबंधी खबरों में वर्षों काम करने का अनुभव है.

आइआइटी कानपुर से जस्ट ट्रांजिशन विषय पर फेलोशिप प्राप्त करने वाले देश के पहले संवाददाता है. उनको दो बार एग्रई जर्निलिज्म अवार्ड मिल चुका है. झारखंड सरकार के वन विभाग से तिलका मांझी अवार्ड मिला है. कई मचों पर वह प्रभात खबर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में हिस्सा ले चुके हैं.


📩 संपर्क. manoj.singh@prabhatkhabar.in

ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >