Ranchi News : सिर्फ तय योग्यता से अधिक डिग्री होने पर अभ्यर्थियों को रिजेक्ट नहीं कर सकते : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाइकोर्ट के फैसले को किया निरस्त

वरीय संवाददाता, रांची. सुप्रीम कोर्ट ने जेपीएससी फूड सेफ्टी ऑफिसर (एफएसओ) नियुक्ति मामले में दायर एसएलपी पर सुनवाई करते हुए कहा है कि उच्च योग्यता रखनेवाले किसी भी अभ्यर्थी को केवल इसलिए रिजेक्ट नहीं किया जा सकता है, क्योंकि किसी विशेष पद के लिए कम योग्यता की आवश्यकता है. जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने अपील याचिका को स्वीकार किया और माना कि माइक्रो बायोलॉजी व खाद्य विज्ञान में मास्टर डिग्री रखनेवाले अपीलकर्ता विज्ञापन के तहत एफएसओ के पद के लिए योग्य थे. साथ ही पीठ ने प्रतिवादियों को निर्देश दिया कि वे अपीलकर्ताओं को उस चरण (यानी साक्षात्कार चरण) से नियुक्ति के लिए विचार करें, जब वे अयोग्य घोषित किये गये थे. यदि कोई रिक्तियां उपलब्ध नहीं थीं, तो पीठ ने अपीलकर्ताओं को समायोजित करने के लिए अतिरिक्त पदों के सृजन का आदेश दिया. इसके अलावा यह भी कहा कि यदि अपीलकर्ता नियुक्त किये जाते हैं, तो वे पिछले वेतन के हकदार नहीं होंगे, लेकिन उन्हें सभी सेवा लाभ काल्पनिक आधार पर मिलेंगे. पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों की वरिष्ठता को प्रभावित करने से बचने के लिए उनकी वरिष्ठता मूल भर्ती प्रक्रिया में चुने गये अंतिम अभ्यर्थी से नीचे तय की जायेगी. पीठ ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें अपीलकर्ता, जो माइक्रोबायोलॉजी, खाद्य विज्ञान व प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर हैं और जिन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी पद के लिए आवेदन किया था. उन्हें भर्ती प्रक्रिया के दौरान झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा इस आधार पर अयोग्य घोषित कर दिया गया कि उनकी योग्यता विज्ञापन में निर्दिष्ट मानदंडों को पूरा नहीं करती है. इसे अपीलकर्ताओं ने झारखंड हाइकोर्ट में चुनौती दी. हाइकोर्ट की एकल पीठ व खंडपीठ दोनों ने अपीलकर्ताओं के खिलाफ फैसला सुनाया, जिसमें कहा गया कि विज्ञापन में निर्दिष्ट विषयों में स्नातक की डिग्री की आवश्यकता है और माइक्रोबायोलॉजी या खाद्य विज्ञान में मास्टर डिग्री योग्य नहीं है. भर्ती विज्ञापन में उल्लेख किया गया था कि प्रासंगिक विषयों (रसायन विज्ञान के अलावा) में मास्टर डिग्री रखने वाले उम्मीदवार को चयन प्रक्रिया से बाहर रखा जायेगा. अपीलकर्ता चंद्रशेखर सिंह व अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर झारखंड हाइकोर्ट के फैसले को चुनाैती दी गयी थी.

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By SHRAWAN KUMAR

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