Budget 2025: झारखंड के 14 लाख किसानों को केंद्र सरकार का तोहफा, केसीसी की लिमिट बढ़ने से खिले चेहरे

Budget 2025: केसीसी की लिमिट तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गयी है. झारखंड के 14 लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा. किसानों को सब्जियों और अन्य वैकल्पिक खेती में मदद मिलेगी.

Budget 2025: रांची, बिपिन सिंह-आम बजट में इस बार किसानों पर काफी फोकस किया गया है. किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की लिमिट तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गयी है. इससे झारखंड के 13,99,601 किसानों को फायदा मिलेगा. झारखंड के किसानों को अब डेयरी और फिशरीज के लिए पांच लाख रुपये तक का लोन मिल सकेगा.

लंबे समय से की जा रही थी केसीसी लिमिट बढ़ाने की मांग


लंबे समय से केसीसी लिमिट बढ़ाने की मांग केंद्र सरकार से की जा रही थी, जिसे इस बजट में पूरा कर दिया गया. केंद्र के इस फैसले से केसीसी खातों से जुड़े किसानों को सब्जियों और अन्य वैकल्पिक खेती में मदद मिलेगी. इससे उनकी आय बढ़ सकती है और रोजगार के नये अवसर पैदा हो सकते हैं. राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 89वीं त्रैमासिक बैठक की रिपोर्ट में बैंकों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के आधार पर कुल 13,99,601 केसीसी खातों में से 7,03,880 खातों में रुपे कार्ड जारी किये जा चुके हैं. यह सभी किसान अब इस लाभ के हकदार होंगे. सभी सामान्य किसान क्रेडिट कार्ड खातों को स्मार्ट केसीसी खातों में परिवर्तित कर उन खातों में आवश्यक तौर पर रुपे कार्ड जारी किये जाने हैं, ताकि राज्य के किसान इन स्मार्ट कार्ड को एटीएम एवं पीओएस टर्मिनल पर भी उपयोग कर सकें.

मार्जिनल फार्मर्स को भी फायदा


सितंबर 2024 की तिमाही तक राज्य में कुल 29.19 लाख स्मॉल एंड मार्जिनल फार्मर्स को राज्य में कृषि ऋण वितरण किये जा चुके हैं. केसीसी डेयरी, फिशरीज और सब्जियों की खेती करनेवाले किसानों को भी आगे चलकर फायदा होगा. वह खाद, बीज, कृषि उपकरण यहां तक कि इन पैसों का इस्तेमाल किसान अपने बच्चों की पढ़ाई और अन्य रोजमर्रा की चीजों के लिए कर सकेंगे. इन्हें साप्ताहिक कैंप के माध्यम से केसीसी से जोड़ा जायेगा.

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लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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