हर जिले के 10 बड़े ट्रांसपोर्ट बकायेदारों पर जारी होंगे बॉडी वारंट

राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने हर जिले के 10 बड़े ट्रांसपोर्ट बकायेदारों को चिह्नित कर बॉडी वारंट जारी करने का निर्देश दिया है.

रांची. राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने हर जिले के 10 बड़े ट्रांसपोर्ट बकायेदारों को चिह्नित कर बॉडी वारंट जारी करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट के बड़े बकायेदारों और डिफॉल्टरों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए रणनीति तैयार करने काे कहा है. मंत्री मंगलवार को परिवहन विभाग की समीक्षा कर रहे थे. मंत्री ने राजस्व वसूली की भी समीक्षा के दौरान रांची और हजारीबाग जिले के प्रदर्शन को अच्छा नहीं पाया. ऐसे में इन दोनों जिलों के अफसरों से कारण पूछने को कहा. उन्होंने अन्य जिलों में राजस्व वसूली की स्थिति देखी. इस दौरान गुमला, कोडरमा, लातेहार, चाईबासा और लोहरदगा जिलों की वसूली को भी लक्ष्य से काफी पीछे पाया. इन जिलों से इसका कारण पूछा गया. उनके जवाब से मंत्री संतुष्ट नहीं हुए. ऐसे में मंत्री ने हर हाल में शत प्रतिशत लक्ष्य वसूली का निर्देश दिया.

झारखंड में दुर्घटनाएं बढ़ी, अभियान चले

मंत्री ने बैठक में सड़क सुरक्षा की स्थिति की भी समीक्षा की. इस दौरान पिछले कैलेंडर वर्ष से इसकी तुलना की गयी. यह पाया गया कि पिछले साल की तुलना में ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं. मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तत्काल ब्लैक स्पॉट को चिह्नित करके दुरुस्त किया जाये. शराब पीकर गाड़ी चलानेवालों के खिलाफ अभियान चलाया जाये. मौके पर मौजूद ट्रैफिक डीएसपी व जिला परिवहन पदाधिकारियों को इसके लिए आवश्यक निर्देश दिया. साथ ही मंत्री ने जानना चाहा कि इस तरह के मामलों में कितने वाहन चालकों के लाइसेंस रद्द किये गये हैं. उन्होंने इन अफसरों को परिवहन नियमों का पालन कड़ाई से कराने का निर्देश दिया.

हर माह हो समिति की बैठक

मंत्री ने जिला सड़क सुरक्षा समिति के क्रियाकलापों की समीक्षा की. समिति की बैठक हर माह होनी है लेकिन, लोहरदगा जिले में एक भी बैठक नहीं हुई है. उपायुक्त की अध्यक्षता वाली समिति को हर माह बैठक करने का निर्देश दिया. मंत्री ने कहा कि बैठक करके उसे अपलोड करें, ताकि न्यायालय इसे ऑनलाइन देख सके. मंत्री ने दुर्घटना को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए विस्तृत कार्य योजना भी तैयार करने का निर्देश दिया.

कर्मियों को प्राथमिकता के साथ दें लाभ

मौके पर विभाग की सचिव विप्रा भाल ने कहा कि राज्य पथ परिवहन निगम के कार्यरत व सेवानिवृत्त कर्मियों का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाये. उन्होंने कहा कि उनके मामलों का निबटारा सर्वोच्च प्राथमिकता हो. इस बाबत कई अवमानना के मामले उच्च न्यायालय में हैं. बैठक में श्रमायुक्त संजीव बेसरा, अपर सचिव संगीता लाल, संयुक्त सचिव मनोज कुमार, संयुक्त श्रमायुक्त प्रवीण कुमार प्रकाश व प्रदीप कुमार सहित अन्य अफसर मौजूद थे.

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Published by: Praveen

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