Ranchi News : अनिल टाइगर की हत्या का आरोपी रोहित व अमन लोहरदगा के मंगलू हत्याकांड में भी था शामिल

कुड़ू के पंचायत समिति सदस्य मंगलू की हत्या की साजिश सत्यजीत कुंदन ने रची थी

रांची. लोहरदगा के कुंड़ू पंचायत समिति के सदस्य संतोष कुमार मांझी उर्फ मंगलू हत्याकांड में लोहरदगा पुलिस ने कुड़ू निवासी 32 वर्षीय सत्यजीत कुंदन के अलावा सुभाष जायसवाल, विजय राम पावार, रोहित वर्मा व अमन सिंह आदि को गिरफ्तार किया था. रांची में 26 मार्च को भाजपा नेता अनिल महतो टाइगर उर्फ इंद्रजीत कुमार अनिल की कांके चौक के समीप ठाकुर होटल पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस हत्याकांड में रोहित वर्मा व अमन सिंह का नाम सामने आया है. रोहित पुलिस की गिरफ्त में है. जबकि अमन सिंह फरार है. मंगलू की हत्या के बाद इस मामले में उसका भाई संत्तू मांझी गवाह था. उसकी हत्या के प्रयास करने के दौरान कुड़ू में सुभाष जायसवाल अपने सहयोगी इमामुल के हाथों हुई चूक की वजह से गोली लगने से मारा गया था. कुड़ू पंचायत समिति के सदस्य संतोष कुमार मांझी उर्फ मंगलू हत्याकांड का साजिशकर्ता सत्यजीत कुंदन के अलावा रोहित वर्मा व अमन सिंह ने पुलिस को स्वीकारोक्ति बयान दिया था. इसमें साजिशकर्ता सत्यजीत ने कहा था कि वह रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के हरमू मुक्तिधाम के पास रोड नंबर-7 में वर्ष 2014 से रहकर एनजीओ वर्ल्ड विनर एजुकेशन ट्रस्ट का संचालन करता था. वर्ष 2020 में कुड़ू में रहनेवाली पूर्व से शादीशुदा महिला से उसकी दोस्ती हुई. इस बीच वह महिला मुझ पर शादी करने का दबाव बनाने लगी. जिसको लेकर कुड़ू पंचायत समिति सदस्य संताेष कुमार मांझी उर्फ मंगलू ने समझौता कराया था. समझौते के एवज में मंगलू ने 10 लाख रुपये की मांग की थी. उक्त रकम देने में असमर्थ रहने पर महिला ने मेरे खिलाफ कुड़ू थाना में बलात्कार का केस कर दिया और मैं जेल चला गया. बाद में महिला से समझौता कर चार-पांच माह बाद जेल से बाहर आया. फिर रांची के पहाड़ी मंदिर में उक्त महिला से शादी की और कुड़ूू स्थित घर में रहने लगे. वहीं मंगलू मेरी पत्नी को प्रताड़ित करने लगा. वर्ष 2023 में दशहरा के दौरान कुड़ू बस स्टैंड में हमने शुभकामना वाला अपना पोस्टर मुन्ना लोहरा की दुकान के ऊपर लगवाया था. उस पोस्टर को मंगलू व उसके सहयोगियों ने फाड़ दिया. इसकी जानकारी मुन्ना लोहरा व रितेश भारती ने उसे दी थी. इसके बाद उसने मंगलू को रास्ते से हटाने की ठान ली. इसी बीच मेरी एजेंसी में काम करने वाली ममता देवी ने मेरी मुलाकात सुभाष जायसवाल से करायी. जमीन लेने को लेकर सुभाष से कई बार मुलाकात हुई. इसी क्रम में सुभाष को उसने आपबीती बतायी. तब उसने बताया कि मैं अपने दोस्तों के साथ मिलकर सुपारी लेकर शूटर का काम करता हूं. इसके बाद वह मुड़ला पहाड़ ले गया, जहां वह ममता के साथ रहता था. वहां पर एक पिस्टल दिखायी. बोला कि मेरे दोस्त के पास भी हथियार है. तुम टेंशन मत लो. मैं पैसा लेकर अपने दोस्तों के साथ तुम्हारे दुश्मन को हमेशा के लिए रास्ते से हटा देंगे. पूछने पर सुभाष ने सुपारी की रकम डेढ़ लाख रुपये बतायी. रकम देने को मैं तैयार हो गया. उसके बाद सुभाष जायसवाल ने अपने दोस्त विजय राम पावार, रोहित वर्मा व अमन सिंह के घर ले जाकर उनसे मिलवाया. फिर प्लानिंग के तहत सुभाष व उसके साथी कई बार कुड़ू गये. फिर रेकी करने वाले रितेश कुमार भारती को बयाना के तौर पर पांच हजार व सुभाष को 10 हजार रुपये दिया. काम होने के बाद बाकी रकम देने की बात हुई. चार फरवरी 2024 को सुभाष जायसवाल और उसके साथी रोहित वर्मा ने मंगलू की गोली मारकर हत्या कर दी. घटना के बाद सुभाष का 50 हजार रुपये देकर वह ओड़िशा के सुंदरगढ़ चला गया था. बाद में पैसा खत्म होने पर कुड़ू आया, तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था.

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Author: SHRAWAN KUMAR

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