खनन पट्टा समाप्त भूमि पर चूना-पत्थर स्लरी की अवैध बिक्री का आरोप

अवैध बिक्री को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए अंचल पदाधिकारी, खलारी को एक लिखित शिकायत सौंपी गयी.

खलारी. खलारी क्षेत्र के लोगों ने पूर्व एसीसी कंपनी को दी गयी खनन पट्टा भूमि पर चूना-पत्थर स्लरी (वेस्ट मटेरियल) की अवैध बिक्री को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए अंचल पदाधिकारी, खलारी को एक लिखित शिकायत सौंपी है. शिकायत में कहा गया है कि पट्टा समाप्त होने के 35 वर्ष बाद भी उक्त भूमि पर रखे गए खनिज अवशेषों का अवैध रूप से उठाव और विक्रय किया जा रहा है. शिकायतकर्ताओं ने बताया कि एसीसी कंपनी को दी गई खनन पट्टा भूमि का पट्टा 31 दिसंबर 1990 को समाप्त हो चुका है. इसके बाद कंपनी ने कई अनुबंधों के माध्यम से कारखाने को विभिन्न निजी कंपनियों फ्रेजर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (एचएमपी लिमिटेड) और बाद में लेमोस कमर्शियल लिमिटेड (खलारी सीमेंट लिमिटेड) को बेच दिया. बताया गया है कि खलारी सीमेंट लिमिटेड ने कारखाने की मशीनें, क्रशर और क्लिन सहित ताप विद्युत संयंत्र को स्क्रैप में बेच दिया, जिससे अब चूना-पत्थर का कैप्टिव इस्तेमाल संभव नहीं है. कहा गया है कि खलारी सीमेंट लिमिटेड द्वारा बीते कुछ वर्षों से सीमेंट उत्पादन पूरी तरह बंद है और राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा प्रदत्त सीटीओ (संचालन की सहमति) भी 31 दिसंबर 2024 को समाप्त हो चुका है. इसके बावजूद कंपनी या अन्य व्यक्ति पट्टा भूमि पर रखे खनिज अवशेष (स्लरी) को बिना सरकारी अनुमति उठा कर बेच रहे हैं, जो खनन अधिनियम 1957 और खनिज नियमावली 2017 के तहत दंडनीय अपराध है. ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि इस अवैध स्लरी उठाव से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है. पूर्व में भी स्थानीय लोगों ने इस विषय में तत्कालीन अंचल अधिकारी को आवेदन देकर विरोध जताया था, जिसके बाद अंचल अधिकारी द्वारा जिला खनन पदाधिकारी से इस संबंध में मंतव्य मांग गया और जब तक स्लरी उठाव पर रोक लगाना सुनिश्चित करने का निर्देश स्थानीय थाना पुलिस को दिया गया था. आवेदन में कहा गया है कि खनन पट्टा समाप्त होने के बाद संबंधित भूमि राज्य सरकार की संपत्ति मानी जाती है, अतः निजी कंपनियां उस पर अधिकार नहीं जता सकतीं. वर्तमान में उस भूमि पर कई सरकारी भवनों का निर्माण भी हो चुका है. खलारीवासियों ने अंचल पदाधिकारी से मांग की है कि खनिज अवशेष स्लरी के भंडार का भौतिक निरीक्षण कराया जाये, और अवैध बिक्री में संलिप्त कंपनियों व व्यक्तियों पर विधिक कार्रवाई की जाये. साथ ही यह सुझाव भी दिया है कि यदि उक्त चूना पत्थर स्लरी राजकीय नीलामी के योग्य हो, तो राज्य सरकार द्वारा नियमसम्मत प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाये. शिकायत सौंपने वालों में विधायक प्रतिनिधि मोनू रजक, खलारी सीमेंट वर्कर्स यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष रंजन सिंह बिट्टू, बाबू खान, तजमुल अंसारी, विक्की सिंह, अजय सिंह, आशिक अंसारी, सत्येन्द्र खरवार, रवि सेन, प्रदीप टोप्पो, नवीजान अंसारी, मोनू सिंह, सैयद अंसारी, संजय मुंडा, पप्पू खान, सूरज रावत, रबिउल्ला अंसारी, रवि टोप्पो आदि शामिल थे.

स्थानीय लोगों ने सीओ व थाना प्रभारी से की लिखित शिकायत

खनिज अवशेषों का अवैध रूप से उठाव और विक्रय किया जा रहा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DINESH PANDEY

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >