रांची. ऑड्रे हाउस में चल रहे 11वें छोटानागपुर राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के तहत शुक्रवार को दो नाटकों का मंचन किया गया. नाट्य महोत्सव के तीसरे दिन बनारस के मंच दुतम के रंगकर्मियों ने नाटक ””बेवफा”” का मंचन किया. नाटक में पति-पत्नी के अटूट रिश्तों को दर्शाया गया. पहली कड़ी में उनके वैवाहिक संबंधों में उतार-चढ़ाव की घटना को दिखाया. शक में घिरे दंपती छोटी-छोटी बातों पर लड़ते हैं और इससे दोनों के रिश्ते में दरार पड़नी शुरू हो जाती है. मामला डायवोर्स तक जा पहुंचता है. कहानी में नया मोड़ तब आता है, जब पति का एक्सीडेंट हो जाता है. घायल पति को ठीक करने में पत्नी पूरी जान लगा देती है. पत्नी की श्रद्धा और उसकी सेवा भावना दोनों के टूटते रिश्ते को मजबूती देती है. निर्देशक अजय रोशन ने पति-पत्नी के रिश्ते को रंगकर्मियों के जरिये बखूबी पेश किया. नाटक के समापन पर दर्शकों ने कलाकार दीपक और ज्योति के किरदार को खूब सराहा. वहीं, देर शाम ऑड्रे हाउस का रंगमंच देशप्रेम से भर गया. मंच पर कोलकाता से पहुंचे नाटक दल ऐसो नाटोक सिखी ने ””ये मेरा देश”” की प्रस्तुति दी. कहानी पांच स्कूली बच्चों की थी, जो स्कूल में अपने बचपन को जीते नजर आते हैं. कहानी तब आगे बढ़ती है, जब बंदूक की नोक पर कुछ आतंकवादी उनका अपहरण कर लेते हैं और बदले में अपने आतंकी नेता को रिहा करने की मांग करते हैं. परिस्थिति को भांप कर बच्चों में देशप्रेम जागता है और वह आतंकियों को चकमा देकर भाग निकलते है. उनके संघर्ष से आतंकियों की हार होती है. नाटक का निर्देशन तापस दास ने किया.
पति-पत्नी के अटूट रिश्ते और देशप्रेम का मिला संदेश
ऑड्रे हाउस में चल रहे 11वें छोटानागपुर राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के तहत शुक्रवार को दो नाटकों का मंचन किया गया.

Birsa Munda