रांची/राउरकेला. पुरी में समुद्र में नहाने के दौरान राजधानी के धुर्वा निवासी अंकिता गुप्ता (48 वर्ष) और उनके बेटे हंसराज गुप्ता उर्फ अंकित गुप्ता (25 वर्ष) की डूबने से मौत हो गयी. इनका परिवार धुर्वा स्थित टंकी साइड, डीटी-2562 में रहता है. घटनास्थल ओडिशा के पुरी चक्रतीर्थ रोड, पिक हाउस के पास है. हंसराज रांची के टाटीसिल्वे स्थित सीआइटी में बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स में फाइनल इयर का छात्र था. उसके पिता अमरजीत प्रसाद आरएसएस धुर्वा क्षेत्र के पूर्व नगर कार्यवाह रह चुके हैं. वर्तमान में वह महानगर आरएसएस में सक्रिय हैं. अमरजीत प्रसाद का हंसराज उर्फ अंकित इकलौता पुत्र था. उसकी एक बहन तान्या गुप्ता भी है. वह बेंगलुरु से रविवार की दोपहर दो बजे रांची पहुंचेगी.
रिप करंट की चपेट में आयी मां को बचाने गया था बेटा
शनिवार की सुबह में मां कुसुम गुप्ता और बेटा हंसराज गुप्ता पुरी चक्रतीर्थ रोड, पिक हाउस के पास स्थित समुद्र में नहाने गये थे. उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी थे. इसी दौरान समुद्र से उठी एक बड़ी लहर (रिप करंट) की चपेट में कुसुम गुप्ता आ गयीं. मां को डूबता देखकर उनका बेटा हंसराज भी उन्हें बचाने के लिए समुद्र में उनकी ओर बढ़ा. लेकिन रिप करंट ने उसे भी चपेट में ले लिया.
परिवार के सदस्यों ने शोर मचाया
दोनों को डूबता देखकर परिवार के अन्य सदस्यों ने शोर मचाना शुरू कर दिया. इसके बाद वहां मौजूद प्राइवेट लाइफगार्ड और मछुआरे समुद्र में गये और दोनों मां-बेटे को बाहर निकाला. दोनों को तत्काल इलाज के लिए पुरी अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि चक्रतीर्थ बीच पर लाइफगार्ड तैनात नहीं होने से ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं. लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने की मांग की. उधर, रांची में खबर मिलने पर आसपास के लोग अमरजीत प्रसाद के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी. बताते चलें कि गुप्ता परिवार के सात लोग रांची से पुरी गये थे.
आज रांची लाये जायेंगे शव, होगा अंतिम संस्कार
दोनों मां-बेटे के शव रविवार की सुबह में साढ़े आठ बजे के करीब रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित आवास पहुंचेंगे. अमरजीत प्रसाद दुकानों में सामान सप्लाई का काम करते हैं. वह यहां रांची स्थित आवास पर अकेले रह गये थे. वहीं उनकी पत्नी और बेटे के साथ भाई व अन्य परिजन साथ गये थे. रविवार को बेटी तान्या के दोपहर दो बजे के करीब बेंगलुरु से रांची पहुंचने पर अंतिम संस्कार किया जायेगा. धुर्वा के सिठियो स्थित श्मशान घाट में अंत्येष्टि होगी.
