जेलों में 81% पद खाली, हाइकोर्ट ने सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य में जेलों की व्यवस्था में सुधार व मॉडल जेल मैनुअल को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई की.

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य में जेलों की व्यवस्था में सुधार व मॉडल जेल मैनुअल को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का पक्ष सुना. खंडपीठ ने राज्य की जेलों में 81 प्रतिशत से अधिक खाली पदों पर नियुक्ति के मामले में राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया. राज्य सरकार से पूछा गया कि सारे रिक्त पदों को भरने के लिए क्या प्रक्रिया की गयी है. उसकी अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की जाये. उक्त निर्देश देने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 12 दिसंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से खंडपीठ को बताया गया कि जेलों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. इसके तहत झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से सहायक कारापाल, कक्षपाल, मेडिकल नर्सिंग स्टाफ आदि लगभग 1800 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है. सात नवंबर से आठ दिसंबर तक आवेदन लिया जायेगा. कुछ अन्य रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए भी प्रक्रिया शुरू की जानी है. जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पैरवी की. उल्लेखनीय है कि जेल सुधार व मॉडल जेल मैनुअल के मामले में झारखंड हाइकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था. राज्य सरकार ने कोर्ट के निर्देश के बाद जेल मैनुअल बना दिया है. पूर्व की सुनवाई में यह बात सामने आयी थी कि लंबे समय से राज्य की जेलों में 81 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं, लेकिन नियुक्ति नहीं हो रही है. कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को सभी रिक्त पदों को भरने का आदेश दिया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Praveen

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >