7वीं JPSC मेंस परीक्षा पर रोक लगाने से झारखंड हाईकोर्ट का इनकार, PT में आरक्षण को लेकर की गयी थी ये मांग

Jharkhand News: अदालत को बताया कि जेपीएससी ने सातवीं से दसवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के पीटी रिजल्ट को कोटिवार प्रकाशित किया है. इसमें आरक्षण का लाभ दिया गया है, जबकि विज्ञापन में कहीं भी आरक्षण का लाभ देने का जिक्र नहीं किया गया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 18, 2022 4:38 PM

Jharkhand News: 7वीं जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण का लाभ देने को लेकर कुमार सन्यम ने झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है. इसकी सुनवाई आज मंगलवार को जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में हुई. अदालत ने प्रार्थी के अनुमान के आधार पर फिलहाल मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. राज्य सरकार और जेपीएससी को 6 सप्ताह के अंदर जवाब दायर करने का निर्देश दिया गया है.

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह बताने का निर्देश दिया है कि 7वीं जेपीएससी पीटी की परीक्षा में आरक्षण का लाभ दिया गया है या नहीं. यदि आरक्षण का लाभ दिया गया है, तो वह किस नियमावली के आधार पर दिया गया है. यह अपने शपथ पत्र के माध्यम से बताया जाये. इस मामले की अगली सुनवाई 6 सप्ताह के बाद होगी. आपको बता दें कि प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि विज्ञापन में सिर्फ रिक्ति का 15 गुना रिजल्ट प्रकाशित करने की बात कही गई है, लेकिन आयोग ने कोटिवार रिजल्ट जारी किया है. ऐसी स्थिति में मुख्य परीक्षा पर रोक लगायी जाये.

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प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि जेपीएससी ने सातवीं से दसवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के पीटी रिजल्ट को कोटिवार प्रकाशित किया है. इसमें आरक्षण का लाभ दिया गया है. आरक्षित वर्ग के जिन उम्मीदवारों ने सामान्य कैटेगरी के कट ऑफ मार्क्स 260 से अधिक लाया है, सामान्य कैटेगरी में उनका रिजल्ट जारी किया गया है. इससे साबित होता है कि आयोग ने नियम विरुद्ध पीटी में आरक्षण का लाभ दिया है, जबकि विज्ञापन में कहीं भी आरक्षण का लाभ देने का जिक्र नहीं किया गया है. विज्ञापन में सिर्फ रिक्ति का 15 गुना रिजल्ट प्रकाशित करने की बात कही गई है, लेकिन आयोग ने कोटिवार रिजल्ट जारी किया है. ऐसी स्थिति में मुख्य परीक्षा पर रोक लगाया जाये.

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रिपोर्ट: राणा प्रताप

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