Ranchi news : हजारीबाग में बन रहा 500 बेड का अस्पताल, इस वर्ष हो जायेगा तैयार : इरफान अंसारी

ध्यानाकर्षण सूचना के तहत विधानसभा में उठाये गये सवाल पर मंत्रियों ने दिया जवाब.

रांची. स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि हजारीबाग में 500 बेड का शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज बन रहा है. अब तक 90 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है. इस वर्ष अस्पताल बन कर तैयार हो जायेगा. यह हाइटेक अस्पताल होगा. इससे सदर अस्पताल का लोड कम हो जायेगा. डॉक्टरों व मेडिकल कर्मियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की जा रही है. डॉ अंसारी ने यह जानकारी विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विधायक प्रदीप प्रसाद की ओर से ध्यानाकर्षण सूचना के तहत के उठाये गये सवाल पर दी. श्री प्रसाद ने सदर अस्पताल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यहां ऑफलाइन पर्ची काटने की व्यवस्था नहीं है. ऑक्सीजन प्लांट व मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल मशीन बंद है. हजारीबाग में डॉक्टरों के 224 पद स्वीकृत हैं, इनमें से सिर्फ 94 कार्यरत हैं.

डीएमएफटी नियमावली राज्य व जनहित में नहीं, होना चाहिए संशोधन : योगेंद्र प्रसाद

विधायक मथुरा प्रसाद की ओर से जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट नियमावली को लेकर ध्यानाकर्षण सूचना के तहत उठाये गये सवाल पर प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा यह राज्य व जनहित में नहीं है. इसमें संशोधन होना चाहिए. इसके तहत जितने भी खनिज हैं, सभी से रॉयल्टी आती है. इसमें बालू भी शामिल है. विधायक मथुरा प्रसाद ने कहा कि नियमावली के अनुसार, अर्जित राजस्व का उपयोग खनन क्षेत्र की 15-25 किलोमीटर की परिसीमा में उपयोग करने का निर्देशित किया गया है, जिससे जिला के कई सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के महत्वपूर्ण विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने राज्यहित में नियमावली में निर्धारण सीमांकन को निरस्त करते हुए संपूर्ण जिला में पूर्व की भांति जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा विकास कार्यों का संपादन कराने का आग्रह किया.

विस्थापित गांवों की सूची में करियावां मौजा को शामिल किया जायेगा : दीपक बिरुआ

विधायक अमित कुमार यादव की ओर से ध्यानाकर्षण सूचना के तहत से उठाये गये सवाल पर प्रभारी मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि 32 गांवों की विस्थापित सूची में करियावां मौजा को शामिल किया जायेगा. विधायक श्री यादव ने कहा कि कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन निर्माण के लिए 2265 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है. इसमें मौजा करियावां की 245 एकड़ जमीन भी शामिल है, लेकिन इसे विस्थापित गांव की सूची में शामिल नहीं किया गया. इसकी वजह से नियुक्तियों में इस मौजा के लोगों को मौका नहीं मिल रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >