रांची : बारिश के मौसम में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बरतकर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से खुद को बचाया जा सकता है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 18 लाख से अधिक संदिग्ध मरीजों की जांच की जा चुकी है. इनमें करीब 25,000 लोग मलेरिया से पीड़ित मिले हैं। वहीं, डेंगू से पीड़ित मरीजों के 79 मामले सामने आये हैं.
बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी बना मच्छरों के लिए ठिकाना
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में घरों और आसपास के इलाकों में गड्ढों, खाली प्लॉट, टूटे बर्तनों और अन्य स्थानों पर पानी जमा हो जाता है. यदि इस जमा पानी को समय पर नहीं हटाया गया, तो इसमें मच्छरों के लार्वा पैदा हो जाते हैं. यही मच्छर जब लोगों को काटते हैं, तो मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैलती हैं. इसलिए घर और आसपास के इलाकों में पानी जमा नहीं होने देना और नियमित साफ-सफाई रखना जरूरी है.
धनबाद में डेंगू जांच किट खत्म, थमी जांच
शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद में डेंगू की जांच का किट खत्म हो गया है. इसके कारण वहां डेंगू की जांच प्रभावित हुई है. वहीं, सदर अस्पताल में रैपिड एंटीजन किट से जांच की जा रही है.
विशेषज्ञों ने रैपिड एंटीजन जांच की विश्वसनीयता पर उठाये सवाल
विशेषज्ञों के अनुसार, रैपिड एंटीजन किट से होने वाली जांच प्रामाणिक जांच नहीं है. ऐसे में इससे गलत रिपोर्ट आने की भी आशंका रहती है. डेंगू के संदिग्ध मरीजों की जांच में रिपोर्ट की विश्वसनीयता महत्वपूर्ण है, इसलिए जांच व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है.
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