रांची : झारखंड सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर नयी गाइडलाइंस जारी की है. शुक्रवार (17 जुलाई, 2020) को जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि किसी भी राज्य से झारखंड में प्रवेश करने वाले लोगों को 14 दिन के अनिवार्य कोरेंटिन में रहना होगा. गाइडलाइन में कहा गया है कि हवाई जहाज, रेल या सड़क मार्ग से अन्य राज्यों से झारखंड में प्रवेश करने या प्रदेश से बाहर जाने पर उन तमाम शर्तों का पालन करना होगा, जो स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किये गये हैं.
झारखंड सरकार ने कहा है कि राज्य में यदि आप आते हैं या राज्य से बाहर जाते हैं, तो आपको झारखंड सरकार की वेबसाइट www.jharkhandtravel.nic.in पर इसके लिए खुद को पंजीकृत करना होगा. झारखंड में आने के 24 घंटे के भीतर आपको यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी होगी. ऐसे सभी लोगों को 14 दिन तक अनिवार्य रूप से होम कोरेंटिन में रहना होगा.
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जो गाइडलाइंस जारी की गयी है, उसमें कहा गया है कि होम कोरेंटिन को लेकर समय-समय पर सरकार की ओर से जो गाइडलाइंस जारी की गयी है, जिलों के उपायुक्त उसका अनुपालन सुनिश्चित करेंगे. यदि जिला प्रशासन को ऐसा लगता है कि व्यक्ति का घर होम कोरेंटिन के लायक नहीं है या संबंधित व्यक्ति दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है, तो जिला प्रशासन को उस व्यक्ति को संस्थागत/पेड कोरेंटिन में भेजने का अधिकार होगा.
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सरकार के ये निर्देश परिवहन में लगे वाणिज्यिक वाहनों के चालकों, हेल्परों, माल और एयरलाइंस से जुड़े कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे. एक राज्य से दूसरे राज्य जाते समय झारखंड से गुजरने वालों या ड्यूटी पर तैनात भारत सरकार और भारत सरकार के अधीन काम करने वाले संस्थानों के उन कर्मचारियों पर भी नियम लागू नहीं होंगे.
उपायुक्त दे सकते हैं 14 दिन की कोरेंटिन से छूटजिला के उपायुक्तों को कुछ मामलों में 14 दिन के कोरेंटिन से छूट देने का अधिकार दिया गया है. इसके लिए संबंधित व्यक्ति को जिला मजिस्ट्रेट के सामने आवेदन देना होगा. गाइडलाइन में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि किन लोगों को यह छूट मिल सकती है. कहा गया है कि ऐसे लोग, जो झारखंड के निवासी नहीं हैं, उनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं है यानी एसिम्पटोमेटिक हैं, सिर्फ बिजनेस या ऑफिस के काम से झारखंड की यात्रा कर रहे हैं या तय समयसीमा के भीतर अपने घर लौट रहे हैं, उन्हें डीएम चाहें, तो कोरेंटिन से छूट दे सकते हैं.
कुछ मामलों में राज्य सरकार की ओर से भी 14 दिन के कोरेंटिन के मामले में छूट दी जा सकती है. इसके साथ ही कहा गया है कि रेलवे और विमान सेवा से जुड़े अधिकारियों को तय फॉर्मेट में यात्रियों की जानकारी ट्रांसपोर्ट एंड सिविल एविएशन डिपार्टमेंट के सचिव को देनी होगी. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरेंटिन से जुड़े निर्देशों का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
Posted By : Mithilesh Jha
