रांची : आइसीएआर, नयी दिल्ली के उपमहानिदेशक (पशु विज्ञान) डॉ बीएन त्रिपाठी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में पशु स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है. वर्तमान में पशुओं के रोगों के उपचार में कमी से देश को प्रतिवर्ष डेढ़ लाख करोड़ रुपये की हानि होती है.
डॉ त्रिपाठी शनिवार को बिरसा कृषि विवि अंतर्गत रांची वेटनरी कॉलेज सभागार में कृषि प्रणाली एवं वन्य जीवन में पशुधन और मुर्गीपालन के उभरते एवं पुनः उभरते रोग विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन कर रहे थे. डॉ त्रिपाठी ने कहा कि देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पशु स्वास्थ्य पर राज्यों को विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है. मौके पर डॉ त्रिपाठी ने पशु रोग चिकित्सा में विशेष योगदान के लिए डॉ एचवीएस चौहान एवं डॉ केके सिंह को सोसाइटी की ओर से लाइफ टाइम अचीवमेंचट अवार्ड प्रदान किया. इस अवसर पर पशु रोग एवं उपचार पर शोध तकनीकी पुस्तक का भी विमोचन किया. कार्यशाला में देश भर के करीब 150 पशु रोग विशेषज्ञ/वैज्ञानिक तथा राज्य के सभी 24 जिलों के पशु रोग चिकित्सक भाग ले रहे हैं.
वेटनरी डीन डॉ सुशील प्रसाद ने आगंतुकों का स्वागत किया. संचालन डॉ नंदिनी कुमारी ने आैर धन्यवाद ज्ञापन डॉ एमके गुप्ता ने किया. मौके पर डॉ आरएस कुरील, डॉ नरेश सूद, डॉ एसके मुखोपाध्याय, डॉ डीएन सिंह, डॉ अनिरुद्ध प्रसाद, डॉ बिपिन बिहारी सहित कई शिक्षक व काॅलेज के छात्र भी मौजूद थे.
