रांची : पहले अस्पताल को सूचीबद्ध किया, फिर कमियां निकाली

मामला बोकारो के जैना मोड़ स्थित एमएम अस्पताल का है रांची : आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभुक मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अस्पतालों को पहले सूचीबद्ध (इंपैनल्ड) किया जाता है. इसके लिए अस्पतालों को सरकार द्वारा तय शर्तों को पूरा करना पड़ता है, पर शर्तें पूरी नहीं करनेवाले अयोग्य अस्पतालों को […]

मामला बोकारो के जैना मोड़ स्थित एमएम अस्पताल का है
रांची : आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभुक मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अस्पतालों को पहले सूचीबद्ध (इंपैनल्ड) किया जाता है.
इसके लिए अस्पतालों को सरकार द्वारा तय शर्तों को पूरा करना पड़ता है, पर शर्तें पूरी नहीं करनेवाले अयोग्य अस्पतालों को भी सूचीबद्ध किया जारहा है. पलामू में तो इस मामले में बड़ी गड़बड़ी सामने आ चुकी है. प. सिंहभूम, पाकुड़ व गोड्डा जैसे जिलों में भी ऐसे मामले सामने आये हैं. ताजा मामला बोकारो के जैना मोड़ स्थित एमएम अस्पताल का है. इस अस्पताल को पहले सूचीबद्ध कर लिया गया. बाद में मरीजों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के लिए चयनित नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के सदस्यों ने नौ दिसंबर 2019 को इस अस्पताल का अॉडिट किया. इसमें अस्पताल में कई कमियां मिलीं.
कहा गया कि अस्पताल लोअर ग्राउंड में है तथा यह जगह हवादार नहीं है. बाद में इसी जांच रिपोर्ट को आधार बना कर अस्पताल प्रबंधन से पूछा गया कि आपको अस्पतालों की सूची से अलग क्यों नहीं कर देना चाहिए. अस्पताल के निदेशक मनोज कुमार के मुताबिक जवाब दे दिया गया है. सवाल यह है कि जब यह कमियां थीं, तो अस्पताल पहले सूचीबद्ध कैसे हो गया?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >