रांची : अंग्रेजों के विरुद्ध तिलका मांझी ने आवाज बुलंद की

रांची : जब अंग्रेजों का जुल्म भारतवर्ष में बढ़ता गया, तब बाबा तिलका मांझी ने अपनी आवाज बुलंद की. ये बातें मंगलवार को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में आयोजित तिलका मांझी जयंती समारोह के अवसर पर मुख्य वक्ता ओड़िशा के समाजसेवी सोमाय टुडू ने कहीं. उन्होंने कहा कि पूर्व की भौगोलिक परिस्थिति बहुत अच्छी […]

रांची : जब अंग्रेजों का जुल्म भारतवर्ष में बढ़ता गया, तब बाबा तिलका मांझी ने अपनी आवाज बुलंद की. ये बातें मंगलवार को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में आयोजित तिलका मांझी जयंती समारोह के अवसर पर मुख्य वक्ता ओड़िशा के समाजसेवी सोमाय टुडू ने कहीं.
उन्होंने कहा कि पूर्व की भौगोलिक परिस्थिति बहुत अच्छी थी. लोग बहुत ही शांतिपूर्ण जीवन जीते थे. इसलिए इस समय को भारत का स्वर्ण युग भी कहा गया है. डीएसपीएमयू के कुलपति डॉ एसएन मुंडा ने कहा कि हम अब भी अपने अस्तित्व जैसे भाषा, साहित्य और संस्कृति को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.
हमें इन शहीदों के बारे में गहराई से शोध करने की जरूरत है. मौके पर कुलानुशासक डॉ दिनेश तिर्की, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ अनिल ठाकुर, डॉ जिंदर सिंह मुंडा सहित अन्य मौजूद थे. विशिष्ट अतिथि डॉ एनडी गोस्वामी ने कहा कि आज का भारत और प्राचीन का भारत कैसा है यह सोचने की जरूरत है. उन्होंने भगवान राम का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय किसी भी प्रकार का छुआछूत और अश्पृश्यता की भावना नहीं थी. लेकिन आज परिस्थिति बदल चुकी है.

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