रांची : स्कूल बस में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें प्रबंधन

रांची : शिक्षा विभाग ने स्कूली वाहनों से आने-जानेवाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिये हैं. विभाग ने सुरक्षित विद्यालय परिवहन नीति को कड़ाई से अमल में लाने काे कहा है. इसमें स्कूल प्रशासन की जवाबदेही के साथ-साथ वाहनों में चाइल्डलाइन लोगो और हेल्पलाइन नंबर 1098 लिखना अनिवार्य किया […]

रांची : शिक्षा विभाग ने स्कूली वाहनों से आने-जानेवाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिये हैं. विभाग ने सुरक्षित विद्यालय परिवहन नीति को कड़ाई से अमल में लाने काे कहा है. इसमें स्कूल प्रशासन की जवाबदेही के साथ-साथ वाहनों में चाइल्डलाइन लोगो और हेल्पलाइन नंबर 1098 लिखना अनिवार्य किया गया है.
इस संबंध में डीइओ मिथिलेश कुमार सिन्हा ने कहा कि ज्यादातर बसों पर न स्कूल का नाम लिखा होता है और न ही मोबाइल नंबर होता है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बसों को लेकर नियम सख्त किये जायेंगे. इसके अलावा स्कूल परिसर में बच्चों को सुरक्षा मिले, इसके लिए सभी सरकारी और निजी स्कूल के नोटिस बोर्ड और दीवारों पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 अनिवार्य तौर पर लिखा जायेगा. सभी स्कूलों को मार्च तक यह काम पूरा कर लेना है.
बच्चों को तनावमुक्त शिक्षा देना मकसद : रांची जिले में करीब 700 स्कूली बसों में बच्चे विद्यालय से घर तक का सफर करते हैं. स्कूल से बाहर बच्चों के साथ उत्पीड़न और शोषण करनेवाले की शिकायत अब बच्चे खुद कर पायेंगे.
शिक्षा का अधिकार कानून के तहत बच्चे को मारना या प्रताड़ित नहीं करना है. जबकि अधिकतर स्कूलों में मानसिक तौर पर बच्चों को प्रताड़ित किया जाता है. इसके अलावा कई बार बच्चे अपने परिवारिक कारणों से भी शोषित रहते हैं. इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर होता है. बसों पर या स्कूल में हेल्पलाइन नंबर रहने पर यह हर वक्त उनके संज्ञान में रहेगा.
स्कूली बसों के लिएप्रमुख गाइडलाइन
स्कूली बस पीले रंग में ही हो
बस पर ड्राइवर व खलासी का नाम, स्कूल का पूरा पता, मोबाइल नंबर, रूट आदि लिखा हो
शहर में बस की स्पीड अधिक न हो
बस सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस सिस्टम से लैस हो
बस का दरवाजा केवल बस स्टॉपेज पर ही खुले
हर बस के अंतिम स्टॉपेज तक स्कूल के एक शिक्षक जरूर रहें
बस की खिड़की सीट से कम से कम डेढ़ फीट ऊपर हो
बस में पीने का पानी की व्यवस्था हो, जीपीएस सिस्टम लगे हों
चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस हों
बस चालक का आइकार्ड स्कूल प्रशासन के पास हो

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