झारखंड के सहकारी बैंकों में 546 पद स्वीकृत, 350 ही कार्यरत

रांची : झारखंड में सहकारी बैंकों का हाल बुरा है. सहकारी बैंक स्वीकृत पदों के आधा कार्यबल से ही चलाये जा रहे हैं. राज्य में सहकारी बैंकों की 105 शाखाएं हैं. राज्य गठन के बाद केवल एक बार सहकारी बैंकों में बहाली की गयी है. वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यकाल में […]

रांची : झारखंड में सहकारी बैंकों का हाल बुरा है. सहकारी बैंक स्वीकृत पदों के आधा कार्यबल से ही चलाये जा रहे हैं. राज्य में सहकारी बैंकों की 105 शाखाएं हैं. राज्य गठन के बाद केवल एक बार सहकारी बैंकों में बहाली की गयी है.
वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यकाल में सहकारी बैंकों में बहाली की गयी थी. लगभग 100 लोगों को विभिन्न पदों पर बहाल किया गया था. लेकिन, उसके बाद पिछले पांच वर्षों में 100 से अधिक कर्मी सेवानिवृत्त भी हो गये. इस कारण स्थिति जस की तस रह गयी. राज्य के सहकारी बैंकों में कुल 546 पद स्वीकृत हैं. उनमें से 226 पद रिक्त पड़े हुए हैं. फिलहाल, सहकारिता बैंक की विभिन्न शाखाओं में 350 कर्मी कार्यरत हैं.
लेकिन, उनमें बड़ी संख्या अनुबंध पर काम करनेवालों की है. अनुबंध कर्मियों के सहारे ही सहकारिता बैंक चल रहे हैं. कार्यबल की कमी का सीधा असर बैंक के कार्यों पर पड़ रहा है. राज्य सहकारी बैंक कर्मचारी संघ ने कार्यबल की कमी के बारे में कई बार राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा है. हालांकि, अब तक रिक्तियों को भरने की दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की गयी है.

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