रांची : ऊर्जा मित्र मीटर रीडिंग में कर रहे हैं गड़बड़ी

रांची : बिजली मीटर रीडिंग में ऊर्जा मित्र भारी गड़बड़ी कर रहे हैं. न तो ढंग से मीटर रीडिंग किया जा रहा है और न ही बिल भेजना सुनिश्चित किया जा रहा है. उपभोक्ताओं को मनमाने तरीके से रीडिंग चढ़ाकर बिल भेज दिया जाता है. कई उपभोक्ताओं के यहां तो दो-दो माह बाद बिल दिया […]

रांची : बिजली मीटर रीडिंग में ऊर्जा मित्र भारी गड़बड़ी कर रहे हैं. न तो ढंग से मीटर रीडिंग किया जा रहा है और न ही बिल भेजना सुनिश्चित किया जा रहा है. उपभोक्ताओं को मनमाने तरीके से रीडिंग चढ़ाकर बिल भेज दिया जाता है.
कई उपभोक्ताओं के यहां तो दो-दो माह बाद बिल दिया जा रहा है. जिससे उनका डीपीएस भी बढ़ जाता है और सब्सिडी का भी यथोचित लाभ नहीं मिल पाता है. ऊर्जा मित्र किसी घर में जाते हैं, मुख्य दरवाजा अंदर से बंद है तो खुलवाने की जहमत नहीं उठाते. बिल में लिख दिया जाता है कि प्रेमिसेस क्लोज्ड और मनमाने तरीके से बिल भेज देते हैं. गौरतलब है कि रांची एरिया बोर्ड में फ्लूयेंट ग्रिड को मीटर रीडिंग का काम सौंपा गया है. इनके द्वारा ही ऊर्जा मित्र उपलब्ध कराये जाते हैं.
केस-1 हरमू सब स्टेशन के बिजली उपभोक्ता संतोषी देवी के घर में अंदर से दरवाजा बंद था. ऊर्जा मित्र ने प्रेमिसेस लॉक्ड लिखकर 1792 का बिल थमा दिया. पूर्व की रीडिंग 10860 और वर्तमान रीडिंग भी 10860 लिखा हुआ है. जबकि डिफरेंस यूनिट में 438 यूनिट लिखकर 1792 रुपये का बिल दे दिया गया है. जबकि उपभोक्ता ने चेक किया तो उनके मीटर में केवल 215 यूनिट ही खपत हुई है. उपभोक्ता का कहना है कि उनका घर कभी भी बंद नहीं रहता. घर में कोई न कोई जरूर रहता है. खासकर महिलाएं तो रहती ही हैं. बिल में जिस ऊर्जा मित्र का नंबर दिया गया है, वह नंबर बंद बताया जाता है.
केस-2 कांके निवासी एलडी सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ है. उनका प्रेमिसेस लॉक्ड लिखकर 894 रुपये का बिल दे दिया गया है. जबकि न तो प्रीवियस रीडिंग लिखी गयी है और न ही करेंट रीडिंग. उपभोक्ता का कहना है कि बिल में ऊर्जा मित्र का फोन नंबर भी गलत लिखा गया है.
केस-3 कंज्यूमर संख्या टीटी 10884, प्रणव कुमार, जैप-10 महिला बटालियन के पीछे न्यू खंटगा के बिल में ऊर्जा मित्र का नाम का जगह खाली है. जबकि ऊर्जा मित्र के नंबर की जगह उपभोक्ता प्रणव कुमार का ही मोबाइल नंबर डाल दिया गया है. उपभोक्ता का कहना है कि वर्ष 2018 से कनेक्शन लिया गया है. पर आज तक एक भी मीटर रीडर नहीं पहुंचा है. बिल भी नहीं मिलता है. साइट पर अॉनलाइन बिल देखते हैं और भुगतान करते हैं.
क्या कहते हैं एसइ : रांची के एसइ सह प्रभारी जीएम पीके श्रीवास्तव ने कहा कि उनके संज्ञान में मामला आया है. संबंधित कंपनी से जवाब-तलब किया गया है. जिन ऊर्जा मंत्री ने गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

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