रांची : झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) द्वारा 25 जनवरी को सरकार की अनुमति के बिना सिल्ली में रोजगार मेला का आयोजन कराया जा रहा था. जब उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी मिली, तो 24 जनवरी की शाम आनन-फानन में मेला को स्थगित किया गया.
सूचना है कि मेला की जानकारी मिलने के बाद उच्चाधिकारियों ने रांची के उपायुक्त से पूछा कि उक्त आयोजन किसकी अनुमति से किया जा रहा है. इस पर उपायुक्त ने मेला के आयोजन को लेकर अनभिज्ञता जतायी.
इसके बाद जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक की ओर से मेला स्थगित करने से संबंधित आदेश निकाला गया. बाद में उपायुक्त के स्तर से भी पत्र जारी कर मेला को स्थगित किया गया. साथ ही भविष्य में रांची जिला में रोजगार मेला का आयोजन करने के पूर्व उपायुक्त की अनुमति अनिवार्य रूप से लेने का निर्देश भी जारी किया गया.
सिल्ली में जेएसएलपीएस द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल मेला सह रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा था. इसके लिए जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधन द्वारा कई बैठकें कर रूपरेखा तैयार की गयी थी. दर्जन भर से अधिक कंपनियों को मेला में स्टॉल लगाने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन मेला के आयोजन के लिए जिला प्रशासन से अनुमति नहीं ली गयी थी.
सूत्र बताते हैं कि सिल्ली में लगाया जाने वाला रोजगार मेला नवनिर्वाचित हेमंत सरकार का राज्य में पहला सरकारी कार्यक्रम होता. राज्य सरकार अपने पहले सरकारी कार्यक्रम का आयोजन पूरी तैयारी के साथ करना चाहती है. मेला के आयोजन स्थल सिल्ली को लेकर भी सरकार संतुष्ट नहीं थी. इन्हीं कारणों से आनन-फानन में मेला को स्थगित करने का निर्णय लिया गया.
