रांची : छात्रों का एक संगठन जेपीएससी द्वारा आयोजित छठी सिविल सेवा परीक्षा रद्द करते हुए सरकार से अधियाचना वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार से मोरहाबादी स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह पर बैठ गया. इसका नेतृत्व उमेश प्रसाद कर रहे हैं. छात्रों ने अब छठी, सातवीं, आठवीं अौर नौवीं सिविल सेवा परीक्षा एक साथ लेने की मांग की है.
छात्रों ने यह भी कहा कि परीक्षा में कई अनियमितताएं बरती गयी हैं. पीटी में पारदर्शिता का अभाव रहा. वहीं विज्ञापन का पालन नहीं किया गया. आरक्षण नीति की अवहेलना की गयी. मुख्य परीक्षा में आयोग के ही कई कर्मचारी शामिल हुए, जो आयोग कार्यालय में ही कार्यरत थे. इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठ गया है. छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा है कि उन्होंने रघुवर सरकार के समय वादा किया था कि परीक्षा को रद्द कराया जायेगा. अब उनकी सरकार आ गयी है, वे अपने वादे को निभायें.
पहले दिन सत्याग्रह में मुख्य रूप से गुलाम सादिक, शंकर तिवारी, मुकेश सिंह, सुमित्रा झा, पिंकी कुमारी, सुरेंद्र पासवान, इमाम शफी, सुमन, सिकंदर, राजकुमार, अनुज मिंज आदि उपस्थित थे. सत्याग्रह मंगलवार को भी जारी रहेगा.
