प्रणव
रांची : रातू के बिजुलिया मोड़ पर 13 जनवरी की शाम जमीन कारोबारी इम्तियाज अंसारी की हत्या पीएलएफआइ उग्रवादी पुनई उरांव ने करायी थी. वह वसूली का पैसा नहीं मिलने से नाराज था. पुलिस की गिरफ्त में आये दो शूटरों ने मामले का खुलासा किया है. इनमें रांची के मधुकम का निवासी आकाश लिंडा व नरकोपी निवासी राजकुमार शामिल है. आकाश की संलिप्तता 21 दिसंबर 2019 को मांडर में झामुमो के जिला उपाध्यक्ष सुबोध तिवारी की हत्या में भी बतायी जा रही है. इस हत्याकांड का एक अन्य आरोपी विशाल आनंद पूर्व में कोर्ट में सरेंडर कर चुका है. रांची पुलिस बुधवार को दोनों ही मामलों का खुलासा करेगी.
इधर, पूछताछ में राजकुमार ने पुलिस को बताया है कि इम्तियाज पीएलएफआइ उग्रवादी पुनई उरांव के लिए पैसा वसूली करता था. वह खुद भी जमीन का कारोबार करता था. वहीं, रातू और नगड़ी क्षेत्र में जमीन कारोबारियों से वह पुनई उरांव के नाम पर वसूली करता था. एक जमीन कारोबारी से उसने 20 लाख रुपये लिये थे. कुछ अन्य कारोबारियों से भी पैसे की उगाही की थी. लेकिन, इम्तियाज ने पैसा पुनई के पास नहीं पहुंचाया था. इससे नाराज पुनई ने आकाश लिंडा, राजकुमार व अलीम अंसारी सहित अन्य अपराधियों से इम्तियाज की हत्या करवा दी.
जमीन का भी विवाद था : इम्तियाज ने नया सराय टुंडुल में 11 एकड़ जमीन अपनी पत्नी के नाम से एग्रीमेंट कराया था. उसी जमीन को लेकर मुड़मा टुंडुल का आजाद अंसारी व अलीम अंसारी के साथ उसका विवाद था. उन लोगों ने इम्तियाज को परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी.
तीन अन्य आरोपी फरार
इम्तियाज की हत्या में आकाश व राजकुमार के अलावा अलीम आजाद सहित तीन अन्य अपराधी शामिल हैं. इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. वहीं, पीएलएफआइ उग्रवादी पुनई उरांव पुलिस की गिरफ्त से दूर है. दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है.
