रांची : देश की संस्कृति बचाने के लिए चल रही लड़ाई

रांची : नागरिकता संशोधन कानून 2019 रद्द करने और एनपीआर, एनआरसी पर रोक लगाने की मांग को लेकर ऑल मुस्लिम यूथ एसोसिएशन, आदिवासी जन विकास परिषद, मजलिसे उलमा झारखंड, एदारे शरिया झारखंड, झारखंड छात्र संघ, आदिवासी छात्र संघ, आदिवासी उलगुलान मंच सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने राजभवन के समक्ष महाधरना दिया. इस अवसर […]

रांची : नागरिकता संशोधन कानून 2019 रद्द करने और एनपीआर, एनआरसी पर रोक लगाने की मांग को लेकर ऑल मुस्लिम यूथ एसोसिएशन, आदिवासी जन विकास परिषद, मजलिसे उलमा झारखंड, एदारे शरिया झारखंड, झारखंड छात्र संघ, आदिवासी छात्र संघ, आदिवासी उलगुलान मंच सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने राजभवन के समक्ष महाधरना दिया. इस अवसर पर पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सीएए के खिलाफ लड़ाई देश की संस्कृति, जमीन और संविधान बचाने की लड़ाई है.
पूरे देश में एनआरसी लागू कर भूमिहीन, आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों की नागरिकता को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है. महाधरना के दौरान ये मुल्क मांगे अाजादी…, महंगाई से आजादी… आदि नारे भी गूंजे. इस दौरान तिरंगे लगातार लहराते रहे.
देश के 170 लाख लोगों के पास जमीन नहीं है : श्री यादव ने कहा कि जब ट्रिपल तलाक, बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि आदि मामलों से हिंदू हृदय सम्राट नहीं बन पाये तो, तो अमित शाह एनआरसी ले आये. यह समझने की जरूरत है कि देश के 170 लाख लोगों के पास जमीन नहीं है. 30 करोड़ लोगों पास के पास घर नहीं है. आठ करोड़ 36 लाख अनुसूचित जनजाति के लोगों के पास कोई कागज, जमीन या घर नहीं है. 15 करोड़ बंजारा, नट आदि घुमंतू जातियों के पास कुछ नहीं है़ 73 प्रतिशत के लोगों के पास कागज नहीं है.
उन्होंने कहा कि जब कोई एनपीआर के लिए कागज मांगे, तो बोलिये कि आपका कागज कुतुबमीनार है, ताजमहल है, 70 सालों से जिस मुल्क को बनाया वाे है़ नाम बतायें, पिता का नाम बतायें, आधार कार्ड दिखा दें और कहें कि हमारे पास कोई कागज नहीं है़
इन्होंने किया संबोधित
महाधरना को एस अली, अजयनाथ शाहदेव, मौलाना ओबैदुल्लाह कासमी, मौलाना कुतबुद्दीन रिजवी, लक्ष्मी नारायण मुंडा, अशोक वर्मा, अमर उरांव, रंजीत उरांव, संजू उर्फ सलाउद्दीन, अकीलुर रहमान, मंजर इमाम, संजय महली समेत अन्य ने संबोधित किया. महाधरना के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम सीएए कानून रद्द करने और एनपीआर, एनआरसी देश में लागू नहीं होने देने के लिए ज्ञापन जारी किया गया़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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