रांची/चान्हो : जम्मू में तैनात चान्हो के करकट बहेराटोली निवासी फौजी बजरंग भगत (30) की मौत 29 दिसंबर को हो गयी. राजौरी के बग्गा पोस्ट में तैनात बजरंग ड्यूटी के दौरान फिसल कर गिर गये थे और उनका ब्रेन हेमरेज हो गया था.
उनका पार्थिव शरीर एक जनवरी की रात 10:30 बजे उनके पैतृक निवास लाया गया. सात घंटे बाद ही उनकी पत्नी मनीता उरांव (25) का शव संदिग्ध परिस्थिति में घर से 500 मीटर दूर कुएं से बरामद किया गया. गुरुवार को दोनों की चिताएं एक साथ जली. इससे पहले, मनीता की छोटी बहन श्रद्धा उरांव ने चान्हो थाने में बहन के ससुरलवालों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करा दी है.
श्रद्धा के अनुसार उसके जीजा की मौत की सूचना 29 दिसंबर को आयी थी. 30 दिसंबर से ही वह अपनी बहन के साथ उसके ससुराल में थी. मनीता को उसकी सास शनिचरिया देवी, जेठ सास कुवांरी उरांव व जेठ विश्वा उरांव ताने मार रहे थे.
शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे. जीजा की मौत के बाद इन लोगों ने साजिश के तहत मिल कर उसकी बहन की हत्या कर दी और शव को कुएं में डाल दिया है. हालांकि पोस्टमार्टम में मनीता की मौत पानी में डूबने से हुई बतायी जा रही है.
पुलिस और स्थानीय लोगों ने शांत कराया मामला : इन सबके बीच पुलिस और स्थानीय लोगों ने मामले को शांत कराया. इसके बाद जवान और उनकी पत्नी की अर्थी एक साथ उठी.
दोनों की शवयात्रा में बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीणों के अलावा पुलिस के पदाधिकारी व सेना के जवान शामिल हुए. इस दौरान बजरंग भगत अमर रहें…, भारत माता की जय…, जब तक सूरज चांद रहेगा, बजरंग तेरा नाम रहेगा… के नारे भी लगे. मौके पर मौजूद सेना के जवानों ने मातमी धुन के बीच बजरंग भगत व उसकी पत्नी मनीता उरांव को अंतिम सलामी दी. बाद में बजरंग भगत के चाचा फगुवा उरांव ने मुखाग्नि दी.
साथ जली दोनों की चिताएं चान्हो के रहनेवाले थे बजरंग भगत
जम्मू के राजौरी में तैनात थे, ड्यूटी के दौरान फिसल कर गिरे और ब्रेन हेमरेज हो गया
2017 में हुई थी शादी, नहीं थी कोई संतान
बजरंग भगत अपने परिवार के इकलौते चिराग थे. उनकी पांच बहनें थीं. उनेके पिता रोपना भगत की मौत करीब 26 साल पहले हो चुकी है. वे 2012 में सेना में गये थे. बजरंग का विवाह 2017 में दलादिली के कुशल उरांव की पुत्री मनीता उरांव के साथ हुआ था. उनकी कोई संतान नहीं थी.
करीब तीन माह पहले उनकी पोस्टिंग जम्मू के राजौरी स्थित बग्गा पोस्ट में हुई थी. परिजनों के अनुसार 30 दिसंबर की सुबह आठ बजे सेना की ओर से उन्हें सूचना दी गयी कि बजरंग भगत 29 दिसंबर की रात ड्यूटी के दौरान फिसल कर गिर गये हैं और उनकी ब्रेन हेमरेज से मौत हो गयी है. बताया गया कि उनका पार्थिव शरीर एक जनवरी को गांव लाया जायेगा.
