रांची : स्कूली बालिकाअों को करीब आठ माह के अंतराल के बाद सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध करायी जा रही है. रांची व देवघर सहित कई अन्य जिलों में नैपकिन पहुंचा दी गयी है. वहीं, कुछ जिलों में इसे पहुंचाना बाकी है.
राज्य सरकार अपने फंड से सरकारी विद्यालयों की छठी से 12वीं कक्षा में पढ़नेवाली 11.53 लाख बालिकाअों को स्कूली स्वच्छता कार्यक्रम के तहत नैपकिन उपलब्ध कराती है. नैपकिन की खरीद झारखंड स्टेट मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड करता है. यह नैपकिन ‘सखी’ के ब्रांड नेम से बनाया जाता है.
नैपकिन के साथ दिया जा रहा पंपलेट: एनएचएम ने स्कूली बालिकाअों में स्वच्छता व स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के लिए एक नयी पहल की है. उन्हें नैपकिन के साथ एक जागरूकता संबंधी पंपलेट भी दिया जा रहा है. इसमें नैपकिन के प्रयोग के लाभ सहित बाल विवाह व गर्भधारण से जुड़े खतरे तथा गर्भ निरोधक उपायों की भी जानकारी दी जा रही है, ताकि बालिकाएं अपने हित में सही निर्णय ले सकें.
वेडिंग मशीन की फाइल बढ़ी
सेनेटरी नैपकिन की सहज उपलब्धता के लिए स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने सुझाव दिया था. बार-बार खरीद की समस्या तथा स्कूलों में नैपकिन की उपलब्धता में विलंब जैसी समस्या से निबटने के लिए उन्होंने स्कूलों में वेडिंग मशीन लगाने का सुझाव दिया था. कोई भी बालिका अपनी जरूरत के हिसाब से मशीन से नैपकिन ले सकती है.
वेडिंग मशीन में नैपकिन डालने का काम टेंडर के माध्यम से चयनित एजेंसियों को दिया जा सकता है. इधर, एनएचएम ने वेडिंग मशीन से नैपकिन वितरण के लिए फाइल बढ़ायी है. प्रयोग के तौर पर पहले इसे आवासीय विद्यालयों में लगाने संबंधी संचिका बढ़ायी गयी है. विभागीय सहमति सहित अन्य प्रक्रिया पूरा करने के बाद इस पर कार्रवाई होगी.
