रांची : आचार्य प्रकर्षानंद जी ने मंगलवार को शाहदेव हाउस, कांके रोड में चल रहे भागवत कथा में जड़भरत कथा, प्रह्लाद चरित्र, नृसिंह अवतार पर प्रकाश डाला. इससे पूर्व उन्होंने अपने पूर्व के प्रवचन में कहा कि भागवत पढ़ने वाले, सुनने वाले भगवान के भक्त होते हैं.
हमें स्वयं के अंदर इन लक्षणों के माध्यम से समझना है कि भागवत हम सबके जीवन में उतर रहा है या नहीं. इसका पहला लक्षण-चिंता रहित होना, दूसरा लक्षण-अहंकार छोड़ना, शरणागति, तीसरा लक्षण-सकारात्मक होना, चौथा लक्षण-जीवन सहज होना है. उन्होंने कहा कि हमें हमेशा भगवान से विनती करनी चाहिए, आग्रह नहीं. शुद्ध इच्छा के लिए शुद्ध ज्ञान होना चाहिए. वेद व्यास जी ने 18 पुराणों की रचना की है.
इसी की एक कड़ी भागवत महापुराण है. शाहदेव हाउस कांके रोड में चल रहे इस भागवत कथा में बुधवार को वामन अवतार, श्री रामचरित्र मानस, श्री कृष्ण जन्म व नंदोत्सव मनाया जायेगा. यह कथा दिन के 3.30 से 5.30 व शाम छह से साढ़े सात बजे तक चलेगी. इस कथा का श्रवण करने के लिए हर दिन काफी संख्या में भक्त यहां आ रहे हैं.
