रांची : कोडरमा, डोमचांच के मूल निवासी स्वतंत्रता सेनानी विश्वनाथ पांडेय का शनिवार को निधन हो गया. वह 106 साल के थे. उनका निधन कांके, अरसंडे में छोटे पुत्र डॉ सत्यव्रत पांडेय के यहां हुआ. डॉ सत्यव्रत पांडेय राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापक हैं. उन्होंने बताया कि पिताजी को ताम्र पत्र भी मिला था. बिहार सरकार से भी स्वतंत्रता सेनानी को दी जानेवाली सुविधाएं मिलती थीं.
अभी झारखंड सरकार से यह सुविधा मिलती है. विश्वनाथ पांडेय ने काशी विद्यापीठ (अब बनारस हिंदू विवि) से पढ़ाई की थी. पढ़ाई के दौरान ही कई बार जेल गये. पटना जेल में एक बार इनको पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के साथ जेल में रखा गया था. साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन के साथ इनका सान्निध्य रहा. वह बौद्ध संस्कृति व साहित्य के विद्वान थे. आजादी के बाद पैतृक घर डोमचांच में एक विद्यालय की स्थापना की. वहीं शिक्षण का काम किया. अपने पीछे वह तीन पुत्र और दो पुत्री छोड़ गये हैं. उनका अंतिम संस्कार शनिवार को हरमू, रांची स्थित मुक्तिधाम में किया गया.
