रांची : अनट्रेंड पारा‍ टीचर मामले में यथास्थिति बहाल रखें

याचिका की सुनवाई में हाइकोर्ट का निर्देश रांची : झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत ने गुरुवार को विभिन्न याचिकाअों पर सुनवाई करते हुए अप्रशिक्षित पारा‍ शिक्षकों को हटाने के मामले में सरकार को यथास्थिति बहाल रखने का निर्देश दिया. साथ ही सरकार को शपथ पत्र के माध्यम से चार सप्ताह के […]

याचिका की सुनवाई में हाइकोर्ट का निर्देश
रांची : झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत ने गुरुवार को विभिन्न याचिकाअों पर सुनवाई करते हुए अप्रशिक्षित पारा‍ शिक्षकों को हटाने के मामले में सरकार को यथास्थिति बहाल रखने का निर्देश दिया.
साथ ही सरकार को शपथ पत्र के माध्यम से चार सप्ताह के अंदर जवाब दायर करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह के बाद होगी. इससे पूर्व प्रार्थियों की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन व अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने अदालत को बताया कि ट्रेनिंग के लिए आवेदन दिया है. पूरक परीक्षा भी दी है.
मार्च तक रिजल्ट आने की संभावना है. वहीं, सरकार की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल अतानू बनर्जी ने अदालत को बताया कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने अप्रशिक्षित पारा‍ शिक्षकों को हटाने का निर्देश दिया है. उनका कहना है कि वर्ष 2009 में लागू नियम के अनुसार अप्रशिक्षित शिक्षकों को स्कूल में नहीं रखा जा सकता है. हटाने के पूर्व उन्हें ट्रेनिंग के लिए एक अवसर दिया जायेगा.
प्रार्थी समीर कुमार देव व संजय महतो ने दायर की थी याचिका
प्रार्थी समीर कुमार देव व संजय महतो ने अलग-अलग याचिका दायर कर अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को हटाने संबंधी आदेश को चुनाैती दी है. परिषद के आदेश में कहा गया है कि अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को ट्रेनिंग का अवसर देने के बावजूद अब भी सैकड़ों पारा शिक्षक अप्रशिक्षित हैं. वैसे शिक्षकों को हटा दिया जाये. झारखंड राज्य परियोजना परिषद के आदेश से लगभग 2500 अप्रशिक्षित शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं.

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