एचइसी : ट्रेनिंग अवधि का एक वर्ष पूरा, विजिलेंस क्लीयरेंस को लेकर लटका मामला
डीओपीटी गाइड लाइन का पालन नहीं कर रहा है सीवीओ कार्यालय
रांची : एचइसी में बहाल हुए 88 तकनीकी कामगारों की ट्रेनिंग अवधि एक वर्ष पूरा होने के बाद भी एक हजार रुपये की बढ़ोतरी नहीं की गयी है. एचइसी के एक अधिकारी ने बताया कि इन तकनीकी कामगारों की फाइल छह माह से विजिलेंस क्लीयरेंस के लिए सीवीओ कार्यालय में पड़ी हुई है.
जानकारी के अनुसार विजिलेंस विभाग ने एचइसी प्रबंधन से बहाल हुए तकनीकी कामगारों के प्रमाणपत्र की जांच कराने की बात कही है. वहीं, तकनीकी कामगारों के ऑफर लेटर में स्पष्ट जिक्र है कि यदि उनके कागजात फर्जी पाये गये तो कभी भी उन्हें हटाया जा सकता है. कामगारों का कहना है कि जब प्रबंधन ने विभिन्न संस्थानों को पत्र लिखकर प्रमाण पत्रों की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है तो फिर सीवीओ कार्यालय द्वारा विजिलेंस क्लीयरेंस क्यों नहीं दिया जा रहा है. सीवीओ कार्यालय डीओपीटी गाइड लाइन का पालन नहीं कर रहा है.
डीओपीटी के गाइड लाइन के अनुसार वैसे कामगारों का ही विजिलेंस क्लीयरेंस रोका जा सकता है, जिसके खिलाफ कोई अापराधिक मामला हो या यदि वे निलंबित हों अथवा किसी भी मामले में पहले से प्रबंधन ने चार्जशीट दिया हो. इन तीनों बिंदुओं की ही जांच सीवीओ कार्यालय को करनी है. जहां तक कागजातों की जांच का मामला है, वह प्रशासनिक विषय है. इसे सीवीओ कार्यालय को कोई लेना देना नहीं है. एचइसी के श्रमिक संगठनों का कहना है कि वैसे ही तकनीकी कामगारों को कम वेतन मिल रहा है. ऐसे में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी नहीं होने से कामगारों में रोष है.
