रांची : हाइकोर्ट में बुधवार को रांची-जमशेदपुर (एनएच-33) के फोर लेनिंग कार्य की धीमी गति को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज याचिका पर सुनवाई हुई.
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह व जस्टिस अनिल कुमार चाैधरी की खंडपीठ ने एनएचएआइ के आग्रह को स्वीकार करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी. अगली सुनवाई 23 जनवरी को हाेगी. पूर्व में खंडपीठ ने एनएचएआइ को सड़क चाैड़ीकरण के नाम पर काटे गये पेड़ के बदले कितने पाैधे लगाये गये हैं, की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था. हजारीबाग-बरही एनएच सहित अन्य एनएच के चाैड़ीकरण के बाद कितने पाैधों का रोपण किया गया है. लगाये गये पाैधों की क्या स्थिति है.
इससे पूर्व एनएचएआइ की ओर से हजारीबाग-बरही एनएच के फोर लेनिंग के दाैरान काटे गये पेड़ के बदले पौधरोपण से संबंधित जानकारी देने के लिए चार सप्ताह का समय देने का अाग्रह किया गया, जबकि प्रार्थी इंद्रजीत सामंता की ओर से शपथ पत्र दायर कर बताया गया कि एनएचएआइ द्वारा दिये गये आंकड़े सही नहीं है. हजारीबाग-बरही एनएच के किनारे सिर्फ 3743 पौधे लगे हुए पाये गये हैं. राज्य सरकार की अोर से अपर महाधिवक्ता मनोज टंडन ने बताया कि रांची-जमशेदपुर फोर लेनिंग में सरायकेला में वन भूमि पड़ रहा है. इसके लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया जारी है.
प्रभुनाथ सिंह के मामले में सूचक की बहस पूरी
रांची. मशरक विधायक हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह व अन्य की अोर से दायर याचिकाअों पर हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता व जस्टिस राजेश कुमार की खंडपीठ में सूचक चांदनी देवी (मृतक की पत्नी) की अोर से अधिवक्ता वंदना सिंह ने पक्ष रखा. उनकी बहस पूरी हो गयी. अब प्रार्थी की अोर से सूचक की बहस पर जवाब दिया जायेगा. इसके लिए खंडपीठ ने 18 दिसंबर की तिथि निर्धारित की.
