रांची से मनोज सिंह की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची स्थित टाना भगत स्टेडियम में शुक्रवार को आयोजित मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय मुखिया सम्मेलन में झारखंड के पंचायतों की बदलती तस्वीर सामने आई. कार्यक्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य के पंचायत अब डिजिटल हो चुके हैं और उनका स्वरूप पूरी तरह बदल गया है.
डिजिटल पंचायतों से बदला गांव का स्वरूप
मंत्री ने कहा कि पहले पंचायत भवनों की स्थिति काफी खराब रहती थी, लेकिन अब वहां साफ-सफाई और संचालन के लिए सरकार द्वारा नियमित राशि उपलब्ध कराई जा रही है. इससे पंचायत भवनों का रखरखाव बेहतर हुआ है और आम लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं. अब मुखिया को खुद झाड़ू लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि व्यवस्था व्यवस्थित हो चुकी है.
वित्त आयोग से मिली बड़ी आर्थिक मजबूती
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों को टाइड फंड में 412 करोड़ और अनटाइड फंड में 555 करोड़ रुपये मिल चुके हैं. इसके अलावा जल्द ही 410 करोड़ टाइड फंड और 272 करोड़ अनटाइड फंड पंचायतों को दिए जाएंगे. साथ ही राज्य वित्त आयोग से भी 600 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं, जिससे गांवों के विकास को नई गति मिलेगी.
उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों को मिला सम्मान
राज्य के विभिन्न जिलों की पंचायतों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया. दुमका का दरवारपुर, पलामू का किशुनपुर, रामगढ़ का बरियातू, हजारीबाग का मेरु, रांची का टुंडाहुली, कोडरमा का तमाय समेत कई पंचायतों को उत्कृष्ट ग्राम पंचायत श्रेणी में पुरस्कार मिला. यह सम्मान पंचायतों के बेहतर कार्यों और पारदर्शिता का परिणाम है.
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता श्रेणी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में भी कई पंचायतों ने उल्लेखनीय काम किया है. चतरा का गंधारिया, देवघर का बैंक, धनबाद का पलारपुर, दुमका का हसडीहा, गढ़वा का बिलासपुर और रामगढ़ का कोरम्बे पंचायत को इस श्रेणी में सम्मानित किया गया. इन पंचायतों ने स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और जन-जागरूकता में बेहतरीन काम किया है.
पंचायत समितियों और जिला परिषदों को भी पुरस्कार
उत्कृष्ट पंचायत समिति श्रेणी में रामगढ़ का दुलमी, गढ़वा का डांडा, सरायकेला-खरसावां का ईचागढ़, पाकुड़ का महेशपुर और लोहरदगा का लोहरदगा पंचायत समिति शामिल रहे. वहीं उत्कृष्ट जिला परिषद श्रेणी में रामगढ़ और कोडरमा को सम्मान मिला. स्वच्छ एवं स्वस्थ जिला परिषद श्रेणी में लोहरदगा और पाकुड़ को पुरस्कृत किया गया.
पुरस्कार राशि से बढ़ा पंचायतों का मनोबल
पुरस्कार प्राप्त पंचायतों को लाखों रुपये की राशि दी गई, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है. रामगढ़ जिले के बुंडू पंचायत की मुखिया निहारिका सुकृति ने बताया कि उन्हें स्वच्छता और स्वास्थ्य श्रेणी में 10 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है. पंचायत में बाजार शुल्क से प्राप्त राशि को स्वच्छता और स्वास्थ्य कार्यों में खर्च किया जाता है, जिसका सकारात्मक असर दिख रहा है.
पारदर्शिता और विकास से मिली सफलता
चतरा जिले के राजपुर पंचायत के मुखिया विकास कुमार ने बताया कि पंचायत में पारदर्शिता के साथ विकास कार्य किए गए हैं. एनजीओ की मदद से कई योजनाएं धरातल पर उतारी गईं. इसी का परिणाम है कि पंचायत को उत्कृष्ट श्रेणी में 10 लाख रुपये का पुरस्कार मिला.
रामगढ़ बना मॉडल जिला, मिला 20 लाख का पुरस्कार
रामगढ़ जिले को पंचायतों के बेहतर कार्यों के लिए 20 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है. परियोजना पदाधिकारी फनींद्र गुप्ता ने कहा कि जिले ने पंचायतों के बेहतर मॉडल को अपनाकर विकास के हर क्षेत्र में काम किया है. यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है.
दुलमी पंचायत समिति को 15 लाख का सम्मान
रामगढ़ के दुलमी पंचायत समिति को भी 15 लाख रुपये का पुरस्कार मिला. प्रमुख रेणू देवी ने बताया कि टाइड और अनटाइड फंड के माध्यम से गांव में सड़क, पेवर ब्लॉक और अन्य विकास कार्य किए गए हैं. पंचायत के लोगों की भागीदारी से यह सफलता मिली है.
स्वच्छता और स्वास्थ्य में सिमडेगा की पहल
सिमडेगा के जोकबहारी पंचायत को स्वच्छता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में 10 लाख रुपये का पुरस्कार मिला. मुखिया दुर्गा मुंडा ने बताया कि पंचायत में हर घर को आयुष्मान कार्ड से जोड़ा गया है और शौचालय व शॉकपिट निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है. स्वास्थ्य केंद्र भी सक्रिय रूप से काम कर रहा है.
गांवों के विकास की नई दिशा
यह पूरा आयोजन इस बात का संकेत है कि झारखंड के पंचायत अब विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. सरकार द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन योजनाओं से गांवों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर हो रही हैं.
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पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार बना प्रेरणा स्रोत
राज्य में पहली बार शुरू किए गए पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार ने पंचायत प्रतिनिधियों के बीच प्रतिस्पर्धा और बेहतर काम करने की भावना को बढ़ावा दिया है. मंत्री ने कहा कि जो पंचायत अच्छा काम करेगी, उसे सम्मान जरूर मिलेगा.
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