रांची : एचइसी प्रबंधन द्वारा आवासीय परिसर की दुकानों के किराये में अप्रत्याशित वृद्धि किये जाने के बाद से दुकानदारों ने किराया देना बंद कर दिया है. हालांकि किराया कम करने को लेकर व्यवसायी संघ ने पूर्व में प्रबंधन से वार्ता की थी.
वार्ता में प्रबंधन ने कहा था कि पहले दुकानदारों से मार्च 2019 तक के सभी बकाया किराये का भुगतान करायें, उसके बाद ही किराये पर बात होगी. इसके बाद संघ ने सभी दुकानदारों से बकाया किराये का भुगतान करा दिया, लेकिन अभी तक किराये कम करने को लेकर कोई वार्ता नहीं हुई है. इस कारण दुकानदारों ने किराया देना बंद कर दिया है. इससे एचइसी को राजस्व का नुकसान हो रहा है.
एचइसी के नगर प्रशासन विभाग के अधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद एचइसी प्रबंधन व्यवसायी संघ के साथ वार्ता करेगा और किराया कम करने को लेकर बीच का रास्ता निकाला जायेगा.
अवैध दुकानों से प्रबंधन को होता राजस्व का नुकसान : गौरतलब है कि एचइसी आवासीय परिसर में एक हजार से अधिक अवैध दुकानें हैं. अगर गली-मुहल्लों की दुकानों को जोड़ दिया जाये, तो यह आंकड़ा दो हजार से अधिक हो जायेगा. जेपी मार्केट में 700, शर्मा मार्केट में 200, सेक्टर थ्री मार्केट में 775, सेक्टर टू मार्केट में 320, धुर्वा मोड़ के आसपास 50, साइड पांच में 60 व झोपड़ी मार्केट में 200 दुकानें अवैध रूप से चल रही हैं. इससे एचइसी को नुकसान होता है.
