रांची : टाना भगतों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही सुनीता नहीं रहीं. कांके प्रेमनगर निवासी सुनीता का बुधवार की शाम रिम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया. वे निमोनिया से पीड़ित थीं. उनकी छाती में इंफेक्शन हो गया था. सुनीता छात्र संघर्ष वाहिनी, ग्राम स्वराज अभियान, महिला गरिमा अभियान, वनाधिकार मंच से जुड़ी थीं. पिछले कई वर्षों से टाना भगतों को रोजगार से जोड़ने का काम कर रही थीं.
उन्हें खादी बोर्ड से प्रशिक्षण दिलाने के साथ-साथ सिलाई-बुनाई का काम शुरू कराया. इनका अंतिम संस्कार गुरुवार की सुबह 11 बजे जोड़ा पुल कांके पोटपोटो नदी के पास किया जायेगा. उनके छोटे भाई अजय ने बताया कि अंतिम दर्शन के लिए उनके शव को प्रेमनगर पानी टंकी स्थित आवास पर रखा गया है. इनके निधन पर वंदना टेटे, अलोका कुजूर, सच्ची कुमारी सहित कई लोगों ने शोक प्रकट किया है.
