कृष्णा नगर कॉलोनी गुरुद्वारा साहिब में श्री तेगबहादुर जी शहीदी गुरुपर्व मनाया गया
रांची : गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा द्वारा रविवार को कृष्णा नगर काॅलोनी गुरुद्वारा साहिब में सिख पंथ के नौवें गुरु श्री तेगबहादुर जी का शहीदी गुरुपर्व मनाया गया.
इससे पहले शहीदी गुरुपर्व के उपलक्ष्य में दिन के 10 बजे से विशेष दीवान सजाया गया. दीवान की शुरुआत स्त्री सत्संग सभा की शीतल मुंजाल द्वारा सबना का मां प्यो आप है… शबद गायन से हुई़ तत्पश्चात हुजूरी रागी जत्था भाई महिपाल सिंह जी एवं साथियों ने तेरे कवंड़ कवंड़ गुण गावां तू साहिब गुणी निधाना…शबद गायन किया गया. गुरु घर के सेवक मनीष मिढ़ा ने श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के बारे में कथा वाचन कर साध संगत को बताया कि उनके बचपन का नाम त्यागमल था. मुगल शासक औरंगजेब ने गुरु तेग बहादुर जी को हिंदुओं की मदद करने और इस्लाम नहीं अपनाने के कारण मौत की सजा सुना दी.
इस्लाम अपनाने से इनकार करने की वजह से औरंगजेब के शासनकाल में उनका सर कलम कर दिया गया. गुरु जी के त्याग और बलिदान के कारण उन्हें हिंद दी चादर कहा जाता है. सिख पंथ के महान कीर्तनी जत्था भाई सरबजीत सिंह जी (लुधियाना वाले) ने गुरु तेग बहादुर सिमरियै घर नव निधि आवे धाई सब थाई होय सहाई… का शबद गायन कर संगत को निहाल किया. श्री अानंद साहिब जी के पाठ, अरदास, हुक्मनामा एवं कढ़ाह प्रसाद वितरण के साथ विशेष दीवान की समाप्ति हुई. मंच संचालन मनीष मिढ़ा ने किया. दीवान की समाप्ति के पश्चात गुरु का अटूट लंगर चलाया गया.
इसमें काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. दीवान में जयराम दास मिढ़ा, हरविंदर सिंह बेदी, सूंदर दास मिढ़ा, द्वारका दास मुंजाल, चरणजीत मुंजाल, जीवन मिढ़ा, मोहन लाल काठपाल, अर्जुन दास मिढ़ा, रामकृष्ण मिढ़ा, प्रेम मिढ़ा, अमरजीत गिरधर, हरगोबिंद सिंह, सुरेश मिढ़ा, हरीश मिढ़ा, बिनोद सुखीजा, अनूप गिरधर, बसंत काठपाल, प्रेम सुखीजा, लेखराज अरोड़ा, रमेश पपनेजा, वेद प्रकाश मिढ़ा सहित अन्य शामिल हुए.
