रांची : नगर आयुक्त मनोज कुमार ने शुक्रवार को शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया. सबसे पहले वे वार्ड-18 स्थित प्लाजा सिनेमा हॉल के पास पहुंचे. यहां बीट प्लान के अनुसार, घरों से कचरे का उठाव नहीं होने पर सुपरवाइजर दीपक रजक को फटकार लगायी.
उन्होंने कहा कि जब सफाई के लिए निगम सारा संसाधन मुहैया करा रहा है, इसके बाद भी घरों से क्यों नहीं कचरे का उठाव हो रहा है. मजबूरी में लोग अपने घरों का कचरा सड़क पर फेंक रहे हैं. मौके पर ही नगर आयुक्त ने सुपरवाइजर के वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया. जब तक संशोधित बीट प्लान के अनुसार कूड़े का उठाव नहीं उठेगा, तब तक वेतन नहीं मिलेगा. नगर आयुक्त ने कहा कि हर हाल में 90 प्रतिशत घरों से डोर-टू-डोर कूड़े का उठाव होना चाहिए.
कूड़ा वाहनों में बजायें जिंगल, ताकि लोगों को पता चले : प्लाजा से निकल कर नगर आयुक्त भुतहा तालाब पहुंचे. उन्होंने मोहल्ले की एक महिला शांति देवी से कचरा वाहन आने के बारे में पूछा. इस पर महिला ने कहा कि जिंगल नहीं बजने के कारण लोगों को पता ही नहीं चलता है कि कचरा वाहन कब आया और कब चला गया. इस पर नगर आयुक्त ने हेल्थ अफसर को फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि दो माह से कचरा वाहन में जिंगल बजाने के लिए 200 पेन ड्राइव खरीदने के लिए बोल रहे हैं, लेकिन आप लोग 20 हजार के लिए फाइल में ही मामला उलझा करके रखे हैं.
निकम्मी हो गयी है इंफोर्समेंट टीम : गोपाल कॉम्प्लेक्स के सामने सड़क पर कचरा देख नगर आयुक्त ने इंफोर्समेंट टीम को फटकार लगायी.
उन्होंने कहा कि इंफोर्समेंट टीम निकम्मी हो गयी है. पहले यही इंफोर्समेंट टीम हर माह छह-छह लाख रुपये जुर्माना वसूलती थी, लेकिन अब टीम ने जुर्माना वसूलना ही बंद कर दिया है. नगर आयुक्त ने कहा कि सड़क पर कचरा फेंकनेवाले दुकानदारों पर जुर्माना लगायें. फील्ड में निकलें, ताकि पता चले कि शहर में क्या हो रहा है.
