रांची : रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने हाइकोर्ट को बताया कि पांच नये गेस्ट्रोइंट्रोलॉजी, इंडोक्राइम, न्यूक्लियर मेडिसिन, हिमेटोलॉजी व सर्जरीकल गैस्ट्रोलॉजी विभागों के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है.
एमसीआइ की टीम रिम्स का दौरा करेगी और स्वीकृति मिलने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों को नियुक्त कर विभाग को खोल दिया जायेगा. निदेशक ने कोर्ट को यह भी बताया कि रिम्स के टीबी एंड चेस्ट, पीएमआर व मानसिक रोग के विभाग में पदों की संख्या को बढ़ाने के लिए वर्ष 2016 में सरकार को अनुशंसा भेजी गयी थी जो अभी भी लंबित हैं. कोर्ट ने इसके लिए इन विभाग की कमियों को दूर करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा. विभाग की अन्य कमियों के लिए छह सप्ताह का समय लिया.
उचित मूल्य पर मिलेंगे दवा और उपकरण : हाइकोर्ट ने रिम्स निदेशक से पूछा कि कार्डियोलॉजी विभाग में एक मरीज के इलाज में उपयोग होने वाले सामान की कीमत नौ हजार थी, लेकिन किसी खास दुकान से 65,000 रुपये में मंगाया गया था.
आपके यहां दवा व उपकरण की कोई प्राइस लिस्ट नहीं है क्या? इसपर रिम्स निदेशक ने अदालत को बताया कि एसजीपीजीआइ लखनऊ की तर्ज पर रिम्स में भी एक ऐसी प्रणाली विकसित की जा रही है. इससे रिम्स में इलाज करानेवाले मरीजों को दवा व उपकरण अस्पताल में निर्धारित दर पर ही उपलब्ध हो जायेंगे.
