हाइकोर्ट ने विशेष विजिलेंस यूनिट बनाने का दिया निर्देश
रांची : रिम्स के डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर अब विशेष विजिलेंस यूनिट नजर रखेगी. मंगलवार को झारखंड हाइकोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह में विशेष विजिलेंस यूनिट बनाने का निर्देश दिया.
शनिचर उरांव की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एस प्रसाद की अदालत ने यह निर्देश दिया है. अदालत ने कहा कि रिम्स के डॉक्टरों का निजी प्रैक्टिस करना गंभीर मामला है. डॉक्टर बाकायदा इसके लिए एनपीए लेते हैं.
इसके बाद भी निजी प्रैक्टिस करते हैं. इसको हर हाल में रोकना होगा. सुनवाई के दौरान रिम्स के निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह भी अदालत में मौजूद थे. कोर्ट ने निदेशक से कहा कि सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे के दौरान ड्यूटी से अनुपस्थित रहनेवाले डॉक्टरों पर आप कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं.
वहीं, रिम्स निदेशक ने भी माना कि रिम्स के कई डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करते हैं. अस्पताल प्रबंधन के पास इस पर रोक लगाने की कोई प्रणाली नहीं है. उनकी ओर से इसके लिए सरकार से मदद मांगी गयी है. बताया गया कि लखनऊ के केजीएमयू की तर्ज पर दो साल के लिए विशेष विजिलेंस यूनिट बनायी जाये, जो स्वतंत्र रूप से निजी प्रैक्टिस करनेवालों पर नजर रखे.
