रांची : उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ का एरिया कमांडर हरिहर महतो उर्फ हरिहर राम खूंटी और दूसरे क्षेत्रों में उग्रवादी घटना को अंजाम देने के बाद असम भाग जाता था,क्योंकि असम में उसके रिश्तेदार रहते हैं. इस वजह से वह पुलिस की पकड़ में नहीं आता था.
पुलिस ने उसे 2014 में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज था. वह 2015 में जमानत पर बाहर आया था. इसके बाद वह कुछ दिनों तक शांत रहा, लेकिन दोबारा संगठन से जुड़ कर घटना को अंजाम देने लगा.
जानकारी के मुताबिक हरिहर महतो ने दो शादी की है. एक पत्नी को यशवंत केसरी के चुटिया स्थित किराये के घर पर रखता था. मकान मालिक को हरिहर महतो के बारे में कभी भी पीएलएफआइ उग्रवादी होने पर संदेह नहीं हुआ. क्योंकि वह असम का परिचय पत्र देने के साथ बताता था वह असम में रहकर काम करता था. लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद मकान मालिक सहित आस-पास के लोग भी उसके इनामी उग्रवादी होने को लेकर काफी अचंभित हैं. हरिहर महतो के कार्यों के बारे में उसकी पत्नी और परिवार के दूसरे सदस्य पहले से जानते थे, लेकिन उन्होंने भी कभी भी पुलिस को जानकारी नहीं दी.
सब जोनल कमांडर बनने वाला था : पीएलएफआइ में एरिया कमांडर के रूप में कार्य कर रहा हरिहर महतो जल्द ही सब जोनल कमांडर बनने वाला था.
इसके लिए उसे प्रशिक्षण भी दिया गया था. उसे सब जोनल कमांडर के कार्य, दायित्व और अधिकारों के संबंध में जानकारी दी गयी थी. इससे संबंधित दस्तावेज भी पुलिस ने उसके पास से बरामद किये हैं. वह संगठन के प्रमुख उग्रवादी दिनेश गोप से मिल चुका है. उसने पूछताछ में संगठन की कुछ योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी है, जिसके बारे में पुलिस सत्यापन कर रही है.
