रांची : केंद्र सरकार का जनजातीय कल्याण मंत्रालय प्रधानमंत्री वन-धन योजना के तहत झारखंड में तसर उत्पादन से जुड़ी उद्यमिता को बढ़ावा देगा. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने होटल बीएनआर में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी. रेशम के कोकून को सूत में बदलने के लिए एक सूत विनिर्माण संस्था स्थापित करने तथा बाजार की प्रतिस्पर्द्धा के मद्देनजर लक्षित समुदाय के लाभुकों को प्रशिक्षित भी किया जायेगा.
श्री मुंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री वन-धन योजना (पीएमवीडीवाइ) के तहत ट्राइफेड का झारखंड जनजातीय तसर सिल्क निर्माता कंपनी लिमिटेड के नाम से एक निर्माता कंपनी स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिसमें झारखंड राज्य के सरायकेला-खरसावां जिले में तसर सिल्क कोकून की खेती में लगे 1200 जनजातीय लोग शामिल होंगे. वहीं, 300 जनजातीय सदस्यों वाले चार वन-धन विकास केंद्र भी निर्माता कंपनी का हिस्सा होंगे,जो तसर उत्पादन की सुविधा विकसित करेंगे.
कौशल प्रशिक्षण सहित उद्यम चलाने तथा लाभार्थियों को डिजिटल रूप से प्रशिक्षित करने के लिए यह योजना फेसबुक के साथ जुड़ी होगी. इसके द्वारा प्रशिक्षुओं को जनजातीय लाभार्थियों को उद्यम स्थापित करने तथा संचालित करने में मदद की जायेगी. केंद्रीय मंत्री के साथ ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्ण तथा प्रेस इंफॉरमेशन ब्यूरो के अपर महानिदेशक अरिमर्दन सिंह भी उपस्थित थे.
