रांची : झारखंड हाइकोर्ट में बुधवार को विकास विद्यालय के पास एनएच-33 (रिंग रोड फेज-1 व 2) के निर्माण को लेकर जमीन अधिग्रहण मामले में दायर अपील याचिका पर सुनवाई हुई.
एक्टिंग चीफ जस्टिस हरीशचंद्र मिश्र व जस्टिस दीपक राैशन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए नेशनल हाइवे अॉथोरिटी अॉफ इंडिया (एनएचएआइ) को वहां पर अंडर पास देने या कोई वैकल्पिक मार्ग पर विचार करने को कहा. विद्यालय के पास बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि वहां पर दूसरी तरफ की जमीन का अधिग्रहण किया जा सकता है या नहीं. अगली सुनवाई के पूर्व जवाब दायर करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 20 नवंबर की तिथि निर्धारित की.
इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से खंडपीठ को बताया गया कि एनएच-33 (रिंग रोड फेज-1 व 2 को जोड़नेवाली सड़क) के लिए विकास विद्यालय की जमीन का अधिग्रहण किया गया है. सड़क बीच से गुजर रही है.
दूसरी ओर भी विद्यालय की जमीन बच रही है. छोटे-छोटे बच्चों को प्रतिदिन सड़क पार करना खतरनाक होगा. इसे देखते हुए सड़क निर्माण की योजना में बदलाव किया जाये. राज्य सरकार की अोर से अधिवक्ता अतानू बनर्जी ने पक्ष रखा. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी (विकास विद्यालय) ने अपील याचिका दायर कर एकल पीठ के आदेश को चुनाैती दी है. एकल पीठ ने विकास विद्यालय की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें एनएच-33 (रिंग रोड फेज-1 व 2 को जोड़ने) के लिए विद्यालय की जमीन अधिग्रहण को चुनौती दी गयी थी.
