रांची : जेपीएससी अब तक पांच सिविल सेवा परीक्षा ही संपन्न करा सका है. छठी सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा की प्रक्रिया 2015 से चल रही है. कुल 326 पदों पर नियुक्ति के लिए आयोग को प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का तीन बार रिजल्ट निकालना पड़ा. आयोग ने पहली बार 23 फरवरी 2017 को रिजल्ट जारी किया था. इसमें 5138 अभ्यर्थी सफल घोषित किये गये थे.
बाद में असफल अभ्यर्थियों के हंगामा और सरकार व हाइकोर्ट के निर्देश पर 11 अगस्त 2018 को संशोधित रिजल्ट जारी किया गया. इस बार सफल अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ कर 6103 हो गयी. रिजल्ट के आधार पर जेपीएससी ने दो बार मुख्य परीक्षा की तिथि का निर्धारण किया, लेकिन तीसरी बार संशोधित रिजल्ट जारी करना पड़ा. हाइकोर्ट ने सरकार की उस अधिसूचना को सही करार दिया, जिसमें सामान्य वर्ग के लिए कट ऑफ मार्क्स 40 प्रतिशत, पिछड़े वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत, अति पिछड़े वर्ग के लिए 34 प्रतिशत, एससी व एसटी और महिलाओं के लिए 32 प्रतिशत निर्धारित किया गया था.
27 हजार अभ्यर्थी बैठे थे मुख्य परीक्षा में
जेपीएससी द्वारा छठी सिविल सेवा परीक्षा मुख्य परीक्षा 28 जनवरी से एक फरवरी 2019 तक ली गयी थी. इसमें लगभग 27 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे और छह पत्र की परीक्षा हुई थी.
अायोग ने उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन कार्य भी पूरा करा लिया है. अब आयोग दूसरी बार संशोधित रिजल्ट से उत्तीर्ण 6103 उम्मीदवार पर ही रिजल्ट का प्रकाशन कर सकेगा. हालांकि आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय द्वारा जारी आदेश प्राप्त होने अौर आयोग की उच्च स्तरीय बैठक में निर्णय लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.
मेंस में हुआ था विवाद
मुख्य परीक्षा में तत्कालीन सचिव सहित जेपीएससी के 12 कर्मचारी के भी शामिल होने पर विवाद हुआ था. हालांकि सचिव के पुत्र सहित नौ ने मुख्य परीक्षा नहीं दी. पुत्र के परीक्षा में शामिल होने के कारण शुरू में ही सचिव ने अपने को मेंस से अलग रख लिया था. लेकिन हंगामा होने पर उनके पुत्र ने परीक्षा में बैठने से ही इंकार कर दिया था.
