रांची : झामुमो की बदलाव रैली से पहले आजसू पार्टी ने हमला किया है आजसू ने झामुमो से 16 सवाल पूछे है़ं आजसू ने कहा है कि शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन ने इस राज्य में 27 महीने सरकार चलाये़ झामुमो बताये कि अपने शासनकाल में झामुमो ने आदिवासी-मूलवासी के हक-अधिकार के लिए क्या किया है़ आजसू ने झामुमो नेता हेमंत सोरेन से 16 सवालों पर जवाब मांगा है़ पार्टी के महासचिव राजेंद्र मेहता के हवाले से कहा गया है कि झामुमो बताये कि सीएम रहते हेमंत सोरेन ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव पर सहमति दी थी या नही़ं
केंद्र में नरसिंहा राव की सरकार को बचाने के लिए झामुमो पर जो आरोप लगे और मुकदमे हुए उसमें झामुमो ने क्या झारखंड के वोट की सौदेबाजी की या नही़ं आजसू ने पूछा है कि स्थानीयता के सवाल पर जेएमएम ने अर्जुन मुंडा की सरकार गिरा दी, लेकिन खुद मुख्यमंत्री रहते हुए स्थानीय नीति नहीं क्यों नहीं बनाया़ मधु कोड़ा की सरकार गिरा कर सौदेबाजी की राजनीति की थी या नही़ं
वर्तमान में भी महागठबंधन के दलों के साथ सौदेबाजी कर रहे है़ं लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ा दल होने के बावजूद कांग्रेस के सामने चार सीटों पर ही क्यों घुटने टेक दिये़ आजसू पार्टी ने कहा है कि दागियों को संरक्षण देने में आगे रही है़ इसके दो विधायकों की सदस्यता चली गयी
श्री मेहता ने पूछा है कि झामुमो को साफ करना चाहिए कि एक ही दिन अलग-अलग जगहों पर सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर 16 रजिस्ट्री कराया गया या नही़ं हरमू में गरीब आदिवासी की जमीन कौड़ी के दाम खरीदे गये़ अपने सवालों में आजसू ने कहा कि हेमंत सोरेन ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में झारखंड की मातृभाषा (संताली, मुंडारी, हो, कुडुख, नागपुरी) जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को जेपीएससी की परीक्षा से हटाने की अनुशंसा तक कर डाली थी़ इस पर राज्य की जनता को जवाब देना चाहिए़
