खेलगांव चौक के पास हत्या करने की फिराक में थे चार अपराधी
रांची : बांधगाड़ी पूजा पंडाल के समीप शुक्रवार सुबह 11:30 बजे गैंगवार को अंजाम देने पहुंचे चार शूटर को लोगों ने पकड़ लिया. उनकी पिटाई की और फिर पुलिस को सौंप दिया. पुलिस पूछताछ में अपराधियों ने बताया कि वे सभी सोनू इमरोज हत्याकांड का बदला लेने आये थे. उनकी योजना जेल से निकलते ही अपराधी शकील उर्फ कारू की हत्या करने की थी. अपराधी चेशायर होम रोड या जोड़ा तालाब रोड या खेलगांव चौक के पास शकील की हत्या करना चाहते थे. बांधगाड़ी में रेकी करने पहुंचे थे.
गिरफ्तार शूटरों में सोनू इमरोज का भाई आफताब आलम उर्फ माेनू इमरोज, फैसल नवाज, मो तबरेज और मो शाहिद शामिल हैं. सभी हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र के निजाम नगर के रहनेवाले हैं. पुलिस ने उनके पास से पिस्टल, गोली सहित अन्य सामान बरामद की है. लोगों की मारपीट से घायल चारों शूटर को पुलिस ने इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया है.
दो बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे: पुलिस पूछताछ में आफताब आलम ने बताया कि नवंबर 2018 में सोनू इमरोज की हत्या डेली मार्केट स्थित टैक्सी स्टैंड के पास शकील और उसके सहयोगियों ने कर दी थी. शकील होटवार जेल में बंद था. शुक्रवार को होटवार जेल से जमानत पर निकलने वाला था.
शकील की हत्या करने के लिए चारों शूटर सुबह 11.30 बजे दो बाइक पर सवार होकर बांधगाड़ी पूजा पंडाल के पास पहुंचे. दो शूटर पंडाल के पास खड़े थे, जबकि दो शूटर कुछ दूरी पर थे.
इसी बीच एक अपराधी को पिस्टल के साथ पंडाल के पास खड़े युवकों ने देख लिया. उन्हें आशंका हुई कि अपराधी बांधगाड़ी दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष रमेश गोप की हत्या करने आये हैं. इसके बाद पूजा पंडाल के पास खड़े लोग व युवक शूटरों को पकड़ने के लिए दौड़े. उन्हें देख शूटर भागने लगे, इस दौरान उनकी पिस्तौल गिर गयी. लोगों ने चारों शूटर को दौड़ा कर पकड़ लिया. सभी को बांध कर पीटने लगे. लोगों ने अपराधियों की दोनों बाइक भी तोड़ दी.
शूटरों के पकड़े जाने की सूचना पर खेलगांव व सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चारों को गिरफ्तार कर लिया. बीच-बचाव के दौरान पुलिस अफसरों को भी चोट लगी. आफताब की मानें, तो वह अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए कई महीने से योजना बना रहा था.
पंडाल के बाहर अतिरिक्त जवान तैनात
अपराधियों के पकड़े जाने के दौरान पूजा पंडाल के बाहर भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. वहां के लोगों के सहयोग के कारण ही शूटरों को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली. मारपीट के दौरान अपराधी लोगों से बोल रहे थे कि आपके साथ हमारा कोई मैटर नहीं है, हमें छोड़ दो. इधर, शूटरों के पकड़े जाने के बाद बदले की भावना से वहां कोई घटना नहीं हो, इस वजह से पंडाल के बाहर अतिरिक्त जवानों को तैनात कर दिया गया है.
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शूटरों से बरामद सामान
– मैगजीन सहित छह देसी पिस्टल
– एक अतिरिक्त मैगजीन और 22 राउंड गोली
– चार मोबाइल फोन और दो बाइक
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पुलिस के अनुसार, शकील शुक्रवार को जमानत पर जेल से रिहा हो गया. उसकी गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. रमेश गोप की हत्या की योजना सिर्फ अफवाह थी. एसएसपी अनीश कुमार गुप्ता ने भी बताया कि पकड़े गये अपराधियों की योजना शकील की हत्या करने की थी.
