रांची : राज्य के पारा शिक्षकों की नियमावली बनाने की मांग पर विचार करने के लिए गठित कमेटी की बैठक बुधवार को होगी. शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव की अध्यक्षता में गठित कमेटी झारखंड शिक्षा परियोजना द्वारा नियमावली को लेकर तैयार किये गये ड्राफ्ट पर विचार करेगी.
कमेटी में विकास आयुक्त, वित्त सचिव, शिक्षा सचिव व शिक्षा परियोजना के निदेशक शामिल हैं. इधर, पारा शिक्षकों ने नियमावली को स्वीकृति नहीं मिलने पर बुधवार से ही आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है.
पारा शिक्षकों के स्थायीकरण के लिए नियमावली बनाने को लेकर शिक्षा परियोजना ने विभिन्न राज्यों की नियमावली का अध्ययन किया. इसके बाद झारखंड के लिए अलग नियमावली तैयार की गयी. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने हृषिकेश पाठक ने बताया कि राज्य के पारा शिक्षक राजधानी में जमा होंगे.
कमेटी की बैठक में अगर शिक्षकों की मांगों को स्वीकृति दी जाती है, तो पारा शिक्षक वापस लौट जायेंगे. मांग पूरी नहीं होने पर पारा शिक्षक बुधवार से ही राजधानी में अनिश्चितकालीन घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन शुरू करेंगे. उल्लेखनीय है कि पारा शिक्षकों ने 15 नवंबर 2018 से 16 जनवरी 2019 तक हड़ताल की थी. इसके बाद हुए समझौता में नियमावली बनाने पर सहमति बनी थी.
पांच राज्यों की नियमावली का अध्ययन कर तैयार किया गया है ड्राफ्ट
वेतनमान या मानदेय पर भी विचार
कमेटी इस बात पर भी विचार करेगी कि पारा शिक्षकों को वेतनमान दिया जाये या फिर उनके मानदेय में ही बढ़ोतरी की जाये. मानदेय को अधिकतम राशि तक निश्चित किया जाये व इसके लिए निश्चित प्रावधान किया जाये.
राज्य में वर्तमान में तीन कोटि की योग्यता वाले पारा शिक्षक हैं. पारा शिक्षकों की योग्यता में एकरूपता नहीं है. शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल, शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त पारा शिक्षक व अप्रशिक्षित पारा शिक्षक हैं. शिक्षक पात्रता परीक्षा सफल पारा शिक्षक व शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त पारा शिक्षकों पर कमेटी निर्णय ले सकती है.
पारा शिक्षकों की ये मांगें हो चुकी हैं पूरी
पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष का गठन
आंदोलन के दौरान जिन पारा शिक्षकों की मौत हुई, उनके परिजन को एक-एक लाख मुआवजा
अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को एक और अवसर देने के लिए भारत सरकार से आग्रह करना
मानदेय में लगभग 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी
बायोमेट्रिक्स उपस्थिति नहीं बनाने वाले पारा शिक्षकों को भी पूर्व का मानदेय देना
