रांची : मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कम से कम करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. इसके साथ ही इस तरह के प्लास्टिक के डिस्पोजल व रिसाइक्लिंग को लेकर अफसरों को कैलेंडर बनाने को कहा है.
उन्हें कहा गया है कि वे कैलेंडर में इसका उल्लेख करें कि प्लास्टिक का उपयोग कम हो. इसके साथ रिसाइकिल व डिस्पोजल कैसे करेंगे, जुर्माना कैसे तय होगा और कौन वसूलेगा, यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है. डॉ तिवारी गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में अफसरों के बात कर रहे थे.
अफसरों ने बताया अपना प्लान : वन विभाग ने बताया कि वाइल्ड लाइफ क्षेत्रों और डायवर्सिटी पार्कों में प्लास्टिक पहले से प्रतिबंधित है.
विभाग ने रांची में रीसाइक्लिंग यूनिट लगाने पर जोर दिया है. ग्रामीण विकास विभाग ने सभी आदर्श गांवों सहित 100 गांवों में सिंगल यूज प्लास्टिक को डंप करने के लिए गड्ढा बनाने की अपनी योजना बतायी.
पर्यटन विभाग ने पर्यटक स्थलों पर पत्तल के इस्तेमाल के बारे में बताया. पथ निर्माण विभाग ने कहा कि प्लास्टिक के कचरे से वे सड़क निर्माण करेंगे. पंचायती राज विभाग ने हर पंचायत में जागरूकता अभियान चलाने तथा सखी मंडलों को अभियान में शामिल करने की बात कही.
नगर विकास विभाग ने वॉटल क्रसिंग मशीन निगम क्षेत्र में लगाने को कहा. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की अोर से कहा गया कि 11 सितंबर से दो अक्तूबर तक स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम चलाया जाना है. इसे अभियान के रूप में चलाया जायेगा. तीन से 27 अक्तूबर तक सिंगल यूज प्लास्टिक कचरे के रीसाइक्लिंग और प्रभावी डिस्पोजल का भी कार्यक्रम होगा. बैठक में संबंधित विभागों के सचिवों के साथ ही अन्य अफसर मौजूद थे.
