उषा मार्टिन ने बांटा मछली का जीरा
रांची : मछली पालन रोजगार का एक अहम जरिया है. इसके माध्यम से किसानों को पौष्टिक आहार तो मिलता ही है, दूसरी ओर स्वरोजगार का भी एक विकल्प मिलता है. यह बात उषा मार्टिन के यूनियन प्रतिनिधि आरके मिश्रा ने कही.
झारखंड सरकार के मत्स्य विभाग के सहयोग से टाटीसिलवे के इर्द-गिर्द के 20 किसानों को मछली का जीरा और चारा बांटा गया. श्री मिश्रा ने किसानों को सलाह दी कि उषा मार्टिन के द्वारा सीएसआर के तहत किये जा रहे कार्यों का लाभ लेना चाहिए. मत्स्य विभाग के अधिकारी सुदेश कुमार ने कहा कि झारखंड की मिट्टी अम्लीय है.
मछली उत्पादन को लाभदायी बनाना है, तो किसानों को तालाब और खेत में चूना डालना चाहिए. बेहतर उत्पादन के लिए मवेशी का खाद तालाब में डाल देना चाहिए. तालाब के पानी को हल्का हरा दिखना चाहिए.
इस अवसर पर पावर प्लांट के हेड तन्मय सिन्हा ने कहा कि सामाजिक दायित्व के तहत उषा मार्टिन लगातार प्रयास कर रही है, ताकि पर्यावरण के साथ लोगों की स्थिति में सुधार हो. एचआर हेड विवेक कृष्ण ने कहा कि मत्स्य पालन को रोजगार से जोड़ना समय की जरूरत है.
उषा मार्टिन द्वारा हरातू से विनोद मुंडा, अजय मुंडा व बादल मुंडा, टाटी पूर्वी से प्रवीण महतो, महिलौंग से राजेंद्र महतो, विजय महतो, रतनू एक्का, मनोज मुंडा, प्रदीप मुंडा, अशोक कुजूर, सुनील कुजूर व नरेश महतो, मासू से रासो देवी, सिलवई से विनोद महतो और अनगड़ा के लालदेव महतो को कुल 30 पैकेट मछली का जीरा मुहैया कराया गया. मछली का चारा भी गांववासियों के बीच बांटा गया. इस अवसर पर उषा मार्टिन के सचिंद्र कुमार, पीके मिश्रा, तपन धर, भुवनेश्वर महतो, रौशन लिंडा सहित अन्य मौजूद थे.
