रांची : एचइसी में हड़ताल, सबके अलग-अलग दावे

रांची : हटिया मजदूर यूनियन (सीटू) द्वारा मंगलवार को एचइसी में आहूत हड़ताल का असर आंशिक रहा. एचइसी के तीनों प्लांट और मुख्यालय के कर्मियों ने कहा कि सामान्य दिनों की तरह उपस्थित है. वहीं, यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने दवा कि किया कि 40 प्रतिशत श्रमिक स्वेच्छा से हड़ताल पर रहे. जबकि, प्रबंधन […]

रांची : हटिया मजदूर यूनियन (सीटू) द्वारा मंगलवार को एचइसी में आहूत हड़ताल का असर आंशिक रहा. एचइसी के तीनों प्लांट और मुख्यालय के कर्मियों ने कहा कि सामान्य दिनों की तरह उपस्थित है. वहीं, यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने दवा कि किया कि 40 प्रतिशत श्रमिक स्वेच्छा से हड़ताल पर रहे. जबकि, प्रबंधन की ओर से कंपनी सचिव अभय कंठ ने कहा कि हड़ताल से एचइसी के उत्पादन में कोई असर नहीं पड़ा. सामान्य दिनों की तरह उपस्थिति रही. हड़ताल में वही श्रमिक शामिल रहे जो यूनियन के सदस्य हैं.
इससे पहले, सीटू नेता भवन सिंह के नेतृत्व में सुबह से एचइसी के विभिन्न प्लांट के मुख्य गेट पर श्रमिकों से हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया गया. जो कर्मी हड़ताल का समर्थन नहीं कर रहे थे, उन्हें यूनियन के प्रतिनिधि फूल देकर वेतन पुनरीक्षण सहित अन्य मांगों को तिलांजली देने की बात कही. श्री सिंह ने कहा कि जांच कमेटी गठित होने से ही वेतन पुनरीक्षण मंच संतुष्ट होकर हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी. लेकिन, सीटू प्रबंधन के इस झांसे में नहीं आयी.
प्रबंधन ने पहले ही कह दिया है एचइसी की स्थिति वेतन पुनरीक्षण करने के लायक नहीं है. इसके बाद जांच कमेटी क्या रिपोर्ट देगी, यह सभी को मालूम है. पहले भी अक्तूबर 2018 में उत्पादन सुरक्षा, कल्याण और वेज एडमिनिस्ट्रेशन कमेटी का गठन किया गया था, जिसका नतीजा भी कुछ नहीं निकला. वेतन पुनरीक्षण से एचइसी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा उसे श्रमिक उत्पादन कर भरपाई करेंगे.
श्रमिकों का वेतन पुनरीक्षण, 24 हजार न्यूनतम वेतन, समान काम का समान वेतन, जो जहां काम करते हैं वहीं स्थायी करने, 10वर्ष से अधिक सेवा देने वालों को नियमित करने की मांग यूनियन आगे भी करती रहेगी. श्री सिंह ने कहा कि मजदूरों की कभी हार नहीं होती संघर्ष कभी बेकार नहीं जाती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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