रांची : मनुवाद व पूंजीवाद बड़े दुश्मन: जिग्नेश

रांची : गुजरात के निर्दलीय विधायक सह दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने कहा कि जमीन से जुड़े लोगों के साथ बने रहने और वैचारिक आधार रखे बिना वैकल्पिक राजनीति की कोई भी लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती देश में वैचारिक लड़ाई का लंबा इतिहास रहा है़ गुलामी, सामंतवाद, सबके खिलाफ गरीबों ने लड़ाई लड़ी है़ […]

रांची : गुजरात के निर्दलीय विधायक सह दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने कहा कि जमीन से जुड़े लोगों के साथ बने रहने और वैचारिक आधार रखे बिना वैकल्पिक राजनीति की कोई भी लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती देश में वैचारिक लड़ाई का लंबा इतिहास रहा है़ गुलामी, सामंतवाद, सबके खिलाफ गरीबों ने लड़ाई लड़ी है़ आज मनुवाद आैर पूंजीवाद सबसे बड़े दुश्मन है़ं
मनुवाद की देह पर पूंजीवाद की मलाई खा कर ही चर्बी चढ़ती है़ बीजेपी संविधान को खत्म करना और मनु स्मृति को स्थापित करना चाहती है़ इसकी जड़ें हिटलर और मुसोलिनी तक जाती है़ं श्री मेवानी अंजुमन प्लाजा में 200 से अधिक जनसंगठनों के प्रतिनिधियों समक्ष ‘संघर्ष संवाद’ में अपनी बात रख रहे थे़
उन्होंने कहा कि यह समय हमारे आपसी वैचारिक मुठभेड़ का नहीं है़ यह मुठभेड़ आरएसएस के गर्भ से निकले बीजेपी से है़ अपनी विचारधारा और पहचान को बचाये व बनाये रखने के साथ, हम कैसे साथ- साथ आयें, यह देखना जरूरी है़ कई बार किसी संगठन के महज आठ- दस लोगों की इगो और महत्वाकांक्षा के कारण लोग एक साथ नहीं आ पाते हैं पर, वैकल्पिक राजनीति जरूरी है और इसकी गुंजाइश बनानी होगी़
‘संघर्ष संवाद’ के क्रम में राजनीति में युवाओं की सहभागिता, जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आरक्षण, पलायन, भुखमरी पर चर्चा हुई़ आयोजन में रंजीत कुमार, कमलेश राम, तीर्थ नाथ आकाश, विवेक कुमार, सिमोन मरांडी व मनीष पासवान ने अहम भूमिका निभायी़

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