वार्ड कमेटी के गठन में वार्ड पार्षदों ने अड़ंगा लगाने की तैयारी की
रांची : रांची नगर निगम के लिए वार्ड कमेटी के गठन की तैयारी अंतिम चरण में है. इच्छुक लोग 28 अगस्त तक इसके लिए आवेदन जमा कर सकते हैं. इधर, वार्ड पार्षदों ने वार्ड कमेटी के गठन का विरोध शुरू कर दिया है. इस मुद्दे को लेकर रविवार को वार्ड-34 के पार्षद विनोद सिंह के आवास पर एक बैठक भी हुई, जिसमें 31 वार्डों के पार्षद शामिल हुए. बैठक में शामिल सभी पार्षदों ने कहा कि जिस वोटर लिस्ट के आधार पर नगर निगम का चुनाव हुआ था, उसमें कई त्रुटियां थीं.
एक मोहल्ले का वोटर दूसरे वार्ड का मतदाता बना हुआ है. ऐसे में वार्ड को सही प्रतिनिधित्व नहीं मिल पायेगा. बेहतर होगा कि पहले वोटर लिस्ट में सुधार कराया जाये, उसके बाद वार्ड कमेटी के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ायी जाये. यहां गौर करनेवाली बात यह है कि वार्ड पार्षद जिस वोटर लिस्ट को आज त्रुटिपूर्ण बता रहे हैं, उसी के आधार पर हुए चुनाव में वे जीत कर पार्षद बने हुए हैं.
सफाई व्यवस्था को आउटसोर्स करने का विरोध
एस्सेल इंफ्रा को टर्मिनेट करने के बाद रांची नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को नये सिरे से आउटसोर्स करने का फैसला किया है. इसके लिए टेंडर भी निकाला गया है. पार्षदों ने नगर निगम के इस निर्णय का भी विरोध किया है. उनका कहना कि किसी दूसरी कंपनी को काम देने के बजाय नगर निगम खुद ही शहर की सफाई कराये. क्योंकि कोई भी निजी कंपनी सफाई के बजाय अपना केवल पैसा कमाने पर ही लगाती है.
विधायक नहीं देते ध्यान, योजनाओं में न मिले भागीदारी
बैठक में शामिल पार्षदों ने विधायकों पर भी निशाना साधा. कहा कि नगर निगम के फंड से विधायक भी सड़क नाली का निर्माण करवाते हैं. जबकि, निगम के बैठकों से वे नदारद रहते हैं. साथ ही किसी प्रकार का मार्गदर्शन भी विधायकों से नहीं मिलता है. ऐसे में विधायकों को नगर निगम के फंड का हिस्सेदारी नहीं मिलनी चाहिए.
