प्रणव
रांची : पिछले तीन वर्षों की तुलना में इस वर्ष नक्सली घटनाओं में मामूली इजाफा हुआ है. 2017 में जून तक 106 और 2018 में जून तक 54 वारदातें हुईं.
जबकि 2019 में जून तक 58 नक्सली घटनाएं दर्ज की गयीं हैं. इस वर्ष प्रतिबंधित संगठनों में भाकपा माओवादियों ने 31, पीएलएफआइ ने 15 अौर तृतीय प्रस्तुति सम्मेलन कमेटी ने छह घटनाओं को अंजाम दिया है. वर्ष 2018 में माओवादियों ने 32 व पीएलएफआइ ने नौ वारदात किये थे. हालांकि वर्ष 2018 व 2019 में छह-छह वारदात को ही टीएसपीसी ने अंजाम दिया है. यानी यह पिछले वर्ष की तरह की इस बार भी वह बराबरी पर है.
11 नक्सलियों का सरेंडर, 149 गिरफ्तार : पुलिस के मुताबिक 2019 में जून तक मुठभेड़ की 22 घटनाएं हुई हैं. इसमें 19 नक्सली/उग्रवादी मारे गये है. वहीं, 149 नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है. इसमें एक सैक, दो जोनल, चार सबजोनल आैर चार एरिया कमांडर शामिल हैं. पुलिस से लूटे गये 20 हथियारों के अलावा अवैध 90 रेगुलर हथियार भी बरामद किये गये है. नक्सलियों ने 2019 में जून तक नौ ग्रामीणों की हत्या की है.
आगजनी और मारपीट में कमी : प्रतिबंधित संगठनों द्वारा वर्ष 2017 में 35, 2018 में 17 और 2019 में 13 वारदातों को अंजाम दिया गया है. जबकि मारपीट की घटनाएं वर्ष 2017 में 10, 2018 में 05 और 2019 में एक सामने आयी हैं.
इस वर्ष 11 नक्सली कर चुके हैं सरेंडर
24 जनवरी : दुमका में महाशय बास्की उर्फ सहाय सोरेन
07 फरवरी : गिरिडीह में सैक सदस्य बालेश्वर महतो उर्फ रौशन दा उर्फ विपुल
27 फरवरी : रांची में मुकेश कुमार महतो
03 मार्च : चाईबासा में गोमदा गोगराई उर्फ रणवीर पातरा और शांति कंडुलना
17 जून : दुमका में किरण उर्फ पक्कू टुडू व पीसी दी उर्फ प्रशीला, सिद्धो मरांडी, सुखलाल देहरी, भगत सिंह किस्कू
